खनन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने कसा शिकंजा...दो आईएएस अफसरों समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

खनन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने कसा शिकंजा...दो आईएएस अफसरों समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुए खनन घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी मुकदमा दर्ज किया है। पिछली 30 सितम्बर को सीबीआई ने दिल्ली में खनन घोटाले के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जबकि एक अक्टूबर को सहारनपुर के बसपा नेता पूर्व एमएलसी इकबाल बाल्ला, उनके पुत्र वाजिद, सहारनपुर के पूर्व जिलाधिकारी अजय यादव और पवन कुमार समेत 12 खनन घोटाले के आरोपियों के यहां सीबीआई ने छापेमारी की थी। मिली जानकारी के अनुसार सहारनपुर में हुए अवैध खनन मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाते हुए सहारनपुर में जिलाधिकारी रहे पवन और अजय सिंह के साथ 12 लोगों को नामजद किया है। नामजद लोगों से जल्द पूछताछ की जा जाएगी। गत तीस सितम्बर को सीबीआई द्वारा मुकदमा दर्ज कर एक अक्तूबर को सहारनपुर और लखनऊ समेत 11 स्थानों पर छापे मारे गए थे। इसी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज करने के लिए अपने दिल्ली स्थित मुख्यालय से अनुमति मांगी थी। केंद्र से अनुमति मिलने के बाद अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में दो आईएएस अधिकारी अजय यादव और पवन कुमार को नामजद किया है। दोनों ही पूर्व में सहारनपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं। एफआईआर में उक्त दो पूर्व जिलाधिकारियों को पट्टों के आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया है। इन दो आईएएस अधिकारियों के अलावा पट्टा धारकों महमूद अली, दिलशाद, मोहमद इनाम, नसीम अहमद, अमित जैन, विकास अग्रवाल, मौहमद वाजिद, मुकेश जैन और पुनीत जैन को भी नामजद किया गया है। इस मुकदमें में महबूब आलम भी नामजद है, जिनकी मौत हो चुकी है। आरोपियों में अधिकतर सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले है, जबकि विकास अग्रवाल देहरादून में रहते हैं। एफआईआर में कहा गया है कि सहारनपुर में 2012 से 2015 के बीच नियमों की अनदेखी कर और जिलाधिकारियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र रचते हुए 13 खनन पट्टों का नवीनीकरण कर दिया गया। इसमें ई टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। चार जिलों में अवैध खनन की एफआईआर पहले ही दर्ज कर चुका है प्रवर्तन निदेशालय प्रवर्तन निदेशालय सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर चार जिलों में हुए अवैध खनन घोटाले की जांच और मनी लांड्रिंग कनेक्शन तलाशने के लिए एफआईआर दर्ज कर चुका है।

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