प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये अनेक महत्वपूर्ण फैसले...सीएम योगी ने दी साठ हजार नौकरियों की सौगात

प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये अनेक महत्वपूर्ण फैसले...सीएम योगी ने दी साठ हजार नौकरियों की सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को दो महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस परियोजनाओ के लिये निविदाओं को मंजूरी प्रदान कर दी। वहीं, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के पहले चरण के विकास का काम ओप्पो ओर दूसरे चरण के विकास का काम दिलीप बिल्डकॉम को दिया गया है। इस योजना से करीब 60 हजार नौकरियों के अवसर खुलेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बुंदेलखंड को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के जरिये दिल्ली से जोडऩे वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और पूर्वी उत्तर प्रदेश को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के रास्ते राष्ट्रीय राजधानी को जोडने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिये निविदाओं के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गयी। दोनो एक्सप्रेस वे के लिये निविदायें 25 अक्टूबर को खोली गयी थी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रिपरिषद ने 'बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना' के इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेन्ट एण्ड कन्सट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति पर क्रियान्वयन के लिये निर्माणकर्ताओं के चयन के अनुमोदन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। परियोजना के छह पैकेजों के लिये न्यूनतम वित्तीय निविदाएं प्रस्तुत करने वाले निर्माणकर्ताओं एप्को इन्फ्राटेक प्रा लि, अशोका बिल्डकॉन लि, गावर कन्सट्रक्शन तथा दिलीप बिल्डकॉन लि के चयन को अनुमोदित कर दिया है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जिलों के लिए 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' एवं 'यमुना एक्सप्रेस-वे' के जरिये से दिल्ली तक सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। एक्सप्रेस-वे के निर्माण से क्षेत्र में सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। श्री शर्मा ने बताया कि परियोजना से बुंदेलखंड में सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे विभिन्न उद्योगों की स्थापना हेतु एक उत्प्रेरक के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेस-वे के निकट इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण संस्थान, मेडिकल संस्थान की स्थापना के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि 'बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना' की अनुमानित लागत लगभग 14849.09 करोड़ रुपए है। इस धनराशि के लिए विभिन्न बैंकों से लगभग 7000 करोड़ रुपए के ऋण लिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के लिए वांछित भूमि के लिए कुल 2202.38 करोड़ रुपए की धनराशि का आंकलन किया गया है, जिसके सापेक्ष सरकार द्वारा 2157 करोड़ रुपए की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। परियोजना निर्माण में लगभग 36 माह का समय लगना सम्भावित है। प्रवक्ता ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण से विकास से वंचित इस क्षेत्र का सर्वांगीण एवं बहुमुखी विकास सम्भव हो सकेगा। परियोजना के क्रियान्वयन तथा उसके समीप शिक्षण संस्थाओं, कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 60,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन की सम्भावना है।

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