प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये अनेक महत्वपूर्ण फैसले...योगी ने दिया अयोध्या में दीपोत्सव को राजकीय दर्जा

प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये अनेक महत्वपूर्ण फैसले...योगी ने दिया अयोध्या में दीपोत्सव को राजकीय दर्जा

लखनऊ। दीपावली के मौके पर पिछले तीन सालों से अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव को उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय आयोजन की संज्ञा से नवाजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की एक बैठक में इस आशय को मंजूरी दी गयी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि अयोध्या में दीपोत्सव को राजकीय मेले की संज्ञा दी गयी है। इस साल होने वाले आयोजन में चार लाख दीपक सरयू के तट पर प्रज्जवलित किये जायेंगे, जबकि एक लाख दियों से राम की नगरी रोशन होगी। इस अभूतपूर्व आयोजन को देखने के लिये गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड की टीम अयोध्या आ चुकी है। दीपोत्सव का यह आयोजन अयोध्या को धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से विश्व के पर्यटन मानचित्र में अहम स्थान दिलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बार अयोध्या में रामायण की थीम पर दीपावली का त्योहार मनायेगी और इसके लिये कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है। दीपोत्सव का आयोजन छोटी दिवाली यानी 26 अक्टूबर को होगा। वहीं बागपत की प्रख्यात शूटर दादी के जीवन पर आधारित बालीवुड फिल्म सांड की आंख को उत्तर प्रदेश सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से मुक्त कर दिया है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि फिल्म का अधिकांश हिस्सा यूपी में फिल्माया गया है। महिला सशक्तिकरण का संदेश देने वाली इस फिल्म में तापसी पन्नू, भूमि पेडनेकर, विनीत सिंह और प्रकाश झा ने भूमिका अदा की है। फिल्म के निर्देशक तुषार हीरानंदिनी है। फिल्म की कहानी चंद्रा तोमर (83) और उनकी ननद प्रकाशी (81) के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने महिला उत्पीडऩ के खिलाफ 6० साल की उम्र में शूटिंग का प्रशिक्षण लिया और देश की अव्वल शूटर बनी। दोनों को देश भर में शूटर दादी के नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने लंबे इंतजार के बाद जेपी एसोसिएट््स को मिर्जापुर के चुनार में सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना के लिये 47० हेक्टेयर जमीन मुहैया कराने का फैसला किया। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि अल्ट्राटेक ब्रांड की सीमेंट के कारखाने के लिये भूमि का हस्तांतरण सोनभद्र जिले में जेपी समूह के कब्जे वाली वन्य भूमि के बदले किया गया है। इससे पहले 2०16 और 2०17 में कंपनी ने वन्य क्षेत्र के बदले 586.178 हेक्टेयर जमीन की मांग की थी लेकिन सरकार ने अब मडियांव एवं लालगंज तहसील की 47०.3०4 हेक्टेयर गैर वन भूमि की मंजूरी दी है। इस जमीन पर वृक्षारोपण और अन्य व्यय जेपी एसोसियेट््स द्वारा वहन किया जायेगा। उत्तर प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को सस्ते दर पर घरेलू सामान उपलब्ध कराने वाले कर्मचारी कल्याण निगम को बंद करने जा रही है। सामानों पर जीएसटी लगने के बाद अब निगम इस हैसियत में नहीं कि वो कर्मचारियों को सस्ते दर पर घरेलू सामान उपलब्ध करा सके। इसके लिये उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो पन्द्रह दिन में अपनी रिपोर्ट देगा। समिति इसके कर्मचारियों को दूसरे निगमों में समायोजित करने तथा स्वैच्छिक सेवा निवृति के बारे में अपनी सिफारिश देगी। कल्याण निगम का गठन 1965 में किया गया था और इसके 16० डिपो पूरे राज्य में हैं। समिति घाटे में चलने वाले अन्य निगमों को भी बंद करने का प्रस्ताव दे सकती है।

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