भाजपा नेता की हत्या में दो भाई गिरफ्तार...गन्ना मिल की ढुलाई का ठेका ना मिलने से थे नाराज आरोपी, इसीलिये की गई थी सभासद धारा सिंह की हत्या

भाजपा नेता की हत्या में दो भाई गिरफ्तार...गन्ना मिल की ढुलाई का ठेका ना मिलने से थे नाराज आरोपी, इसीलिये की गई थी सभासद धारा सिंह की हत्या

देवबंद/सहारनपुर। देवबंद के वरिष्ठ भाजपा नेता व सभासद और देवबंद चीनी मिल के गन्ना ढुलाई के बड़े ठेकेदार चौधरी धारा सिंह की हत्या का देवबंद पुलिस ने आज खुलासा कर दिया। एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार ने आज सहारनपुर पुलिस लाइन के सभागार में पुलिस द्वारा किए गए इस खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धारा सिंह की हत्या गन्ने की ढुलाई का ठेका धारा सिंह के द्वारा निरस्त कर खुद लिए जाने के कारण आर्थिक नुकसान होने के कारण यह हत्या की गई। उन्होंने बताया कि देवबंद पुलिस निरीक्षक आनंद देव मिश्र की अगुवाई वाली पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर जिले के थाना चरथावल के गांव मथुरा से कंवरपाल पुत्र सत्यपाल और उसके छोटे भाई 22 वर्षीय रविंद्र पुत्र सत्यपाल को गिरफ्तार किया है। इन्होंने धारा सिंह की हत्या करना स्वीकार किया। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल पल्सर मोटर साइकिल, नंबर यूपी-15, एडी 2532 और 32 बोर का पिस्टल मय जिंदा कारतूसों, 315 बोर का अवैध तमंचा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इन दोनों हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2०16 में उनका गन्ना ढुलाई का ठेका धारा सिंह ने त्रिवेणी चीनी मिल से निरस्त करा दिया था। चीनी मिल धारा सिंह के प्रभाव में था। इन दोनों भाईयों को लगता था कि जब तक धारा सिंह रहेगा, उनका कारोबार नहीं चल पाएगा। इसी वजह से इन्होंने धारा सिंह को जान से मारने की योजना बनाई। एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु के मुताबिक हत्यारोपी दोनों भाई 1० अक्टूबर को भी देवबंद में हत्या के इरादे से आए थे, लेकिन कुछ कारणवश हत्या को अंजाम नहीं दे पाए थे। डीजीपी ओ.पी. सिंह द्वारा इस घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ को भी तैनात किया गया था। पुलिस ने चार दिन पहले देवबंद जीटी रोड के पास से एक दुकानदार के यहां लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज ली थी, जिनमें हत्यारोपी कंवरपाल और रविंद्रपाल दिखाई दिए थे। कंवरपाल ने थोड़ी देर के लिए ही अपने सिर से कैप उतारी थी, जिससे उसका चेहरा साफ दिखाई दिया। एसएसपी दिनेश प्रभु ने हत्यारों को पकडऩे के लिए 25 लाख का ईनाम भी घोषित किया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही पुलिस दोनों हत्यारोपियों तक पहुंची। एसएसपी दिनेश प्रभु ने बताया कि दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 लाख का ईनाम दिया जाएगा। इस टीम में देवबंद पुलिस निरीक्षक आनंद देव मिश्र, निरीक्षक यादराम, सर्विलांस प्रभारी मुबारिक हसन, स्वाट टीम के प्रभारी सुधीर उज्ज्वल, अभिसूचना के प्रभारी जर्रार हुसैन समेत पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने बताया कि पुलिस ने इस घटना के खुलासे को 1० दिन के दौरान करीब साठ लोगों से पूछताछ की। एसएसपी प्रभु खुद छह-सात दिन देवबंद में डेरा डाले रहे और पुलिस टीमों का निर्देशन किया। मृतक धारा सिंह के परिवार के चौधरी राजपाल सिंह ने प्रेस काफ्रेंस कर पत्रकारों को बताया कि परिजन घटना के खुलासे से संतुष्ट हैं। उन्होंने एसएसपी और टीम को सही खुलासे के लिए बधाई दी। एसएसपी दिनेश प्रभु ने बताया कि एसपी ग्रामीण विद्यासागर मिश्र, सीओ देवबंद चौब सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय और देवबंद पुलिस टीम ने अथक प्रयास कर घटना का खुलासा किया।

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