वाराणसी पूर्व डीआईजी के बिल्डर बेटे की गोली मार कर हत्या..काम नहीं आई बुलेटप्रुुफ गाड़ी


मृतक के व्यावसायिक सहयोगी की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी


वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र के पहड़िया अशोक विहार कॉलोनी फेज-2 में रविवार देर रात पूर्व डीआईजी के बिल्डर बेटे बलवंत सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई। सोमवार को पूर्व डीआईजी के शिवपुर तरना स्थित आवास पर और बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन, शुभचिंतक जुटे रहे। पुलिस टीम इस हत्या के सिलसिले में मृतक के व्यावसायिक सहयोगी की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

तरना निवासी पूर्व डीआईजी सभाजीत सिंह के पुत्र बलवंत सिंह (42) भवन निर्माण कार्य (बिल्डर) से जुड़े थे। बलवंत सत्य साई बाबा इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में पार्टनर भी थे। बलवंत का इन दिनों अपने एक व्यावसायिक पार्टनर कांग्रेस नेता पंकज चौबे से लेन-देन का विवाद चल रहा था। रविवार की देर रात बलवंत को उनके एक पार्टनर रामगोपाल सिंह ने अशोक बिहार कालोनी फेज-2 स्थित आवास पर दावत के लिए बुलाया था। बलवंत खाना खाकर घर के लिए निकले। पार्टनर के आवास से चंद कदम दूर ही पहुंचे थे कि कुछ लोगों ने उन्हें गोली मार दी। गोली बलवंत के पेट में लगी और वे चीख कर जमीन पर गिर पड़े। यह देख ​हमलावर मौके से भाग निकले। गोली की आवाज सुन कर बलवंत के मित्र और आसपास के लोग वहां पहुंचे। बलवंत के मित्रों ने पुलिस और परिजनों को सूचना देकर तत्काल उन्हें वाहन में लादकर मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने बलवंत को मृत घोषित कर दिया। तब तक सूचना पाकर बलवंत के परिजन, ​रिश्तेदार और पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। बलवंत की हत्या से नाराज उनके परिजनों और दोस्तों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। सूचना पर कई थानों से पुलिस के अलावा पीएसी बुलाई गई।

मृतक के परिजन शव का पोस्टमार्टम न होने देने की जिद पर अड़ गए। बाद में अफसरों के समझाने-बुझाने पर लोग अस्पताल से वापस अपने घर लौटे। इस सम्बन्ध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई। बलवंत के जिस पार्टनर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की तीन टीमें लगाई गई है।

बलवंत के काम नहीं आई बुलेटप्रुुफ गाड़ी

अपनी सुरक्षा के लिए जिस बुलेटप्रुुफ गाड़ी से बलवंत चलते थे, वह वारदात के समय काम नहीं आई। बलवंत अपनी सुरक्षा के लिए लाइसेंसी पिस्टल भी रखते थे। हमलावरों ने बलवंत को गाड़ी में बैठने के पहले ही मौत के घाट उतार दिया। पूछताछ में बलवंत के मित्र रामगोपाल सिंह ने बताया कि दावत में उनके अन्य पार्टनर भी आये थे। एक पार्टनर पंकज चौबे बलवंत से पहले ही घर से निकल गये। गोली की आवाज सुनकर जब वे घर से बाहर निकले तो बलवंत को लहूलुहान देख अस्पताल पहुंचाया।


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