सुप्रीमकोर्ट में नक्शा फाडे जाने का मामला....फैसला आने के बाद धवन से निपटेंगे

सुप्रीमकोर्ट में नक्शा फाडे जाने का मामला....फैसला आने के बाद धवन से निपटेंगे

अयोध्या। उच्चतम न्यायालय में विवादित रामजन्मभूमि मामले में सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता राजीव धवन द्वारा नक्शा फाड़े जाने की घटना की भत्र्सना करते हुए रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलासदास वेदान्ती ने कहा कि इस घटना से देश की एक अरब तीस करोड़ की जनता का अपमान हुआ है और फैसला आने के बाद जनता खुद कानूनी ढंग से धवन को जवाब देगी। डॉ. वेदान्ती ने गुरूवार को कहा कि मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता राजीव धवन के खिलाफ उन्होंने आज एफआईआर दर्ज कराने का मन बना लिया था, लेकिन संगठन के लोगों ने सलाह दी कि पक्ष में निर्णय आ रहा है तो बेवजह मामले को तूल न दिया जाये। हालांकि मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता राजीव धवन ने सर्वोच्च न्यायालय में नक्शा फाड़कर एक अरब तीस करोड़ भारत की जनता, संविधान और न्यायालय का अपमान किया है। कोर्ट के फैसले के बाद राजीव धवन को देख लेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिये मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने समझौते की पेशकश की है, जिसमें यह भी कहा गया है कि काशी और मथुरा में मस्जिद बनाने की अनुमति दी जाये। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम के नाम पर मंदिर है, मौहल्ला है, सड़क है, जैसे पूरी अयोध्या राम के नाम पर है, लेकिन बाबर के नाम पर अयोध्या में ना तो कोई मौहल्ला है और ना ही कोई सड़क है। कहने का मतलब यह है कि बाबर का नाम पर यहां पर कोई चीज है ही नहीं। डा. वेदान्ती ने कहा कि भगवान राम की जन्मस्थली पर अगर भव्य मंदिर नहीं बनेगा तो कहां बनेगा। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला मंदिर के पक्ष में आयेगा। क्योंकि साक्ष्य मंदिर के पक्ष में थे। बाबर भारत को लूटने आया था। 85 प्रतिशत मुसलमान चाहते हैं कि मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में राजीव धवन ने जो किया वह भारतीय संस्कृति के खिलाफ हुआ है। फैसला आने दीजिये, देश की जनता खुद धवन से नक्शा फाडऩे की वजह और जवाब मांगेगी। उन्होंने फिर जोर देकर बोला कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय रामलला के पक्ष में आयेगा।

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