कश्मीर घाटी में मोबाइल फोन सेवा बहाल....रैली निकालकर मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की मांग की थी

कश्मीर घाटी में मोबाइल फोन सेवा बहाल....रैली निकालकर मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की मांग की थी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 37० को हटाने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने संबंधी केन्द्र सरकार के निर्णय के 1० सप्ताह बाद पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं सोमवार को बहाल कर दी गयीं। केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को अनुच्छेद 37० को निरस्त करने का फैसला किया था और उसी दिन से घाटी में भारत संचार निगम लिमिटेड समेत सभी कंपनियों की प्रीपेड मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं स्थगित हैं, जो फिलहाल स्थगित ही रहेंगी। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों और मीडियाकर्मियों ने पोस्टपेड मोबाइल सेवाएं बहाल करने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही सभी सेलुलर कंपनियों से ब्रॉडबैंड समेत इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की मांग की है। घाटी के कुछ बुजुर्ग लोगों ने मोबाइल इंटरनेट सेवा को निलंबित किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लोग मोबाइल फोन पर हालचाल पूछने की बजाए एक-दूसरे से घर जाकर मिल रहे हैं। प्रशासन ने घाटी के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक घाटी में 4० लाख से अधिक पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवा अब काम करने लगेंगी, जिससे आम लोगों और सुरक्षा बल के जवानों को राहत मिलेगी तथा वे अपने परिजनों से संपर्क कर सकेंगे। इस बीच, केंद्र सरकार के निर्णय के विरोध में कश्मीर घाटी में बंद आज 11वें सप्ताह में प्रवेश कर गया। रमीज खान नामक घाटी के एक व्यापारी ने पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल करने के फैसले का स्वागत करते हुए यूनीवार्ता से कहा, 'कश्मीर घाटी में 7० दिनों के बाद पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल होने से मैं बहुत ही खुश हूं। संचार व्यवस्था के बिना जिंदगी बहुत ही बेहाल हो गयी थी, इसके शुरू होने से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन प्रशासन को इंटरनेट एवं प्रीपेड मोबाइल सेवा से भी प्रतिबंध हटा लेने चाहिए। जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता और प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल होने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था, 'राज्य में समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के बाद सरकार ने पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने का फैसला किया है, 14 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से यह सेवा बहाल हो जाएगी। यह कश्मीर के सभी 1० जिलों में बहाल होगी। श्री कंसल ने कहा कि इस सेवा के बहाल होने से पर्यटक अपने परिवार से संपर्क कर सकेंगे। इसी प्रकार घाटी और जम्मू- कश्मीर से बाहर रहने वाले छात्र भी अपने अभिभावकों के संपर्क में रहेंगे और व्यापारी अपने कारोबारी साथियों से संपर्क कर सकेंगे। प्रवक्ता ने व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और व्यापारियों से आतंकवादियों और अलगाववादियों से भयभीत नहीं होने और उनके बारे में जानकारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजीवन को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को सुरक्षा बलों की ओर से नाकाम किया जाएगा। गौरतलब है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों ने श्रीनगर में रैली निकालकर मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं बहाल करने की मांग की थी।

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