केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला....केन्द्रीय कर्मचारियों को मिला दिवाली का तोहफा

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला....केन्द्रीय कर्मचारियों को मिला दिवाली का तोहफा

नई दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में एक साथ पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दिवाली का तोहफा दिया है। आमतौर पर महंगाई भत्ते में एक से दो फीसदी की बढोतरी होती रही है, लेकिन इस बार एक साथ पांच फीसदी की बढोतरी की गई है। यह वृद्धि एक जुलाई 2०19 से ही प्रभावी मानी जायेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुये बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सरकारी कोष पर 159०9.35 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसमें से चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी 2०2० तक आठ महीने में 1०6०6.2० करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढोत्तरी से सरकारी कोष पर सालाना 859०.2० करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी तक आठ महीने में 5726.8० करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आयेगा। पेशनभोगियों के महंगाई भत्ते में बढोत्तरी से सरकारी कोष पर वार्षिक 7319.15 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। चालू वित्त वर्ष में जुलाई से फरवरी तक आठ महीने में 487० करोड़ रुपये का बोझ आयेगा। उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से केंद्र सरकार के 49.93 लाख कर्मचारियों और 65.26 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप महंगाई भत्ते में बढोतरी किये जाने का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि महंगाई बढऩे के मद्देनजर यह वृद्धि की गयी है। वहीं सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कोष (पीएम किसान) से किसानों को मिलने वाली सहायता को आधार से जोडऩे की समय सीमा 3० नवम्बर तक बढा दी है, जिससे उन्हें यह सहायता राशि मिलती रहेगी। इससे किसानों को इस सहायता की तीसरी किश्त मिल सकेगी। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6००० रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब तक करीब छह करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सरकार ने करीब 14 करोड़ किसानों को पीएम किसान योजना के तहत 87००० करोड़ रुपये दिये जाने को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से किसानों को रबी फसल में मदद मिल सकेगी। पीएम किसान योजना की दूसरी किश्त के लिए इसे आधार से जोडऩे की शर्त के कारण ज्यादातर किसानों को इसका लाभ मिलने में कठिनाई आ रही थी। इस शर्त को पूरा करने के लिए राज्यों को पत्र भेजा गया था। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली के किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल रहा, क्योंकि इन दोनों राज्यों की सरकारें इस योजना के लिए किसानों का नाम नहीं भेजती है। कृषि मंत्रालय ने पीएम किसान योजना पोर्टल पर किसानों को सीधे पंजीकरण कराने का अवसर दिया है। इसके तहत पश्चिम बंगाल के 8००० किसानों ने भी पंजीकरण कराया है।

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