कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से निवेश के खुलेंगे नये रास्ते: योगी आदित्यनाथ

कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से निवेश के खुलेंगे नये रास्ते: योगी आदित्यनाथ

- पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी के बीच उद्योग जगत को टैक्स में छूट देना महत्वपूर्ण


लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी का निर्णय साहसिक, ऐतिहासिक और कॉरपोरेट जगत के लिए शुभ संकेत हैं। जब एक तरफ पूरी दुनिया मंदी की चपेट में है तो भारत में उद्योग जगत के लिए टैक्स में छूट देना महत्वपूर्ण है। यह फैसला उद्योग जगत को ताकत देगा।

उक्त बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में एक प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री की ओर से कॉरपोरेट जगत को टैक्स में छूट देना दीवाली के पहले कॉरपोरेट जगत ले किये अमूल्य तोहफा है। सीएम योगी ने कहा कि टैक्स रेट-दर में कटौती करने के पीछे साफ संदेश है कि कम्पनियों के पास अधिक धन, कम्पनियों द्वारा अधिक निवेश, अर्थव्यवस्था में अधिक रोजगार का सृजन, उच्च विकास, मांग एवं प्रोडक्विविटी में वृद्धि और अत्यधिक आमदनी होगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व में 30 प्रतिशत की जगह अब कम्पनियों को 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प होगा। अधिशेषों (सरचार्ज) और उपकर (सेस) समेत प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगा। उन्होंने कहा कि 01 अक्टूबर, 2019 के बाद नई घरेलू विनिर्माण कम्पनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान कर सकती है, पहले यह 18.5 प्रतिशत था। यह लाभ उन कम्पनियों के लिए होगा, जो 21 मार्च,2023 को या उससे पहले अपने उत्पादन को शुरू करेंगी। कैपिटल गेन टैक्स से सरचार्ज हटाने की भी घोषणा की है। शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा 05 मार्च, 2019 से पहले करने वाली कम्पनियों पर टैक्स नहीं लगेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस कटौती से निवेश के नये रास्ते खुलेंगे। पहले टैक्स रेट काफी ज्यादा था, इसलिए उद्योगपति निवेश के लिए नहीं आते थे। अब काफी कम हो गया है, अब निवेश के नये रास्ते खुलेंगे। रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने इस निर्णय की सराहा करते प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की इस टैक्स की छूट को उत्तर प्रदेश सरकार स्वागत करती है। इसका यूपी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यूपी में निवेश करने की बेहत्तर संभावनाएं है। देश की अंदर यूपी ने नई छलांग लगाई है। यूपी सरकार ने विगत ढाई वर्षों में सभी क्षेत्रों में कई सुधारात्मक प्रयास किये हैं और ढाई वर्षों में यूपी में काफी निवेश हुआ है।

सीएम योगी ने कहा कि विश्व में चीन की वस्तुओं की मांग कम हुई है। चीन में निवेश करने वाली यूरोप, अमेरिका व अन्य देशों की कम्पनियां आज पीछे भाग रही हैं। 80 प्रतिशत अमेरिकन चेन कम्पनियां तथा 67 प्रतिशत यूरोपियन कम्पनियां चीन से विस्थापित हो गई हैं, अब यह कम्पनियां भारत आएंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र का यह फैसला भारत की अर्थव्यवस्था को ताकत देने के साथ ही दुनिया को भी सोचने के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय का लाभ यूपी सरकार अधिक से अधिक लाभ उठाने का प्रयास करेगी। सीएम योगी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय करके 04 बैंक बनाने का भी सराहनीय फैसला लिया है। जीएसटी की दरों में संशोधन से होटल एवं भण्डारण उद्योग को लाभ मिलेगा। इससे 05 लाख व्यापारियों को टैक्स रिटर्न भरने में छू मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत अभी तक विश्व का दूसरा सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य माना जाता था लेकिन अब यह सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभरेगा।

सीएम योगी ने माना कि देश की 05 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तथा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर करने के लिए टैक्स कटौती एक साहसिक कदम है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कमी के कारण यूपी में औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेगी। अंत में कहा कि एक प्रचलित कहावत है-'सौ सुनार की और एक लोहार की।' भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए केन्द्र सरकार का यह ऐतिहासिक कदम, अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने एवं विश्व में सर्वाधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में लोहे पर लोहार की चोट की तरह है।


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