राजीव कुमार की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ी, ठिकानों पर छापेमारी कर रही सीबीआई

राजीव कुमार की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ी, ठिकानों पर छापेमारी कर रही सीबीआई


कोलकाता। अरबो रुपये के सारदा चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने की आरोपित कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ्तारी की संभावना गुरुवार को तेज हो गई। मामले की जांच में जुटी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की दिल्ली से कोलकाता पहुंची स्पेशल टीम महानगर के चार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। यहां राजीव कुमार के छिपे होने की आशंका है। इसमें से सबसे महत्वपूर्ण ठिकाना 34 नम्बर पार्क स्ट्रीट का सरकारी आवास है।

राजीव कुमार फिलहाल राज्य सीआईडी के एडीजी हैं और इसी आवास में रहते हैं। उनके घर पर सीबीआई की एक विशेष टीम दोपहर के समय से तैनात है। अन्य जगहों पर भी उनकी तलाशी में सीबीआई की टीम जुटी हुई है। साल्टलेक सीजीओ कंपलेक्स में स्थित जांच एजेंसी के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय से सीबीआई की विशेष टीम विभिन्न क्षेत्रों में रवाना हो रही है। इसकी वजह से महानगर में पुलिस की भी तत्परता बढ़ गई है।

पुलिस महानिदेशक को एक और चिट्ठी

इधर सीबीआई सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जांच एजेंसी की ओर से राज्य पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र कुमार को एक और चिट्ठी गुरुवार को दी गई है। इस चिट्ठी में एजेंसी ने राज्य पुलिस महानिदेशक से पूछा है कि राजीव कुमार से किस तरह से संपर्क किया जा सकता है। यह तीसरी चिट्ठी है जो एजेंसी की ओर से पुलिस महानिदेशक को दी गई है। एक और चिट्ठी सीबीआई ने राजीव कुमार के आवास पर जाकर दी है। उन्हें जल्द से जल्द हाजिर होने को कहा गया है।

कहां-कहां हुई छापेमारी

जांच एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बुधवार को सीबीआई की 12 अधिकारियों वाली जो टीम दिल्ली से कोलकाता आई थी वह गुरुवार को चार भागों में बंटकर महानगर के चार अलग जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है। दोपहर के समय सबसे पहले सीबीआई की टीम अलीपुर के आईपीएस मेस‌ में पहुंची। उसके बाद ईएम बाईपास के पास एक मशहूर होटल में तलाशी अभियान चलाया गया। तीसरी टीम 34 नंबर पार्क स्ट्रीट स्थित राजीव कुमार के सरकारी आवास पर पहुंची। उसके बाद जो टीम अलीपुर स्थित आरपीएस मेस में गई थी वहीं करीब 45 मिनट के बाद रूबी मोड़ के पास एक अन्य होटल में जा पहुंची। इन सभी जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि राजीव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

उल्लेखनीय है कि 4000 करोड़ रुपये के सारदा पोंजी घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर लगी रोक को गत शुक्रवार कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हटा दी थी। उसके बाद से सीबीआई ने पूछताछ के लिए हाजिर होने हेतु उन्हें पांच बार नोटिस भेजा है लेकिन राजीव लापता हैं। एक आईपीएस अधिकारी जो पूर्व में राज्य पुलिस के उच्च पदों पर रह चुका है उसका इस तरह से कानून से पीठ दिखाकर भागना सवालों के घेरे में है।

Share it
Top