मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर गुरुवार तक सुनवाई टली

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर गुरुवार तक सुनवाई टली


नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दिया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से दलीलें रखने के लिए एएसजी केएम नटराज उपलब्ध नहीं थे, जिसकी वजह से स्पेशल जज अजय कुमार कुहार ने सुनवाई 19 सितम्बर तक के लिए टाल दिया।

सुनवाई के दौरान डीके शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि डीके शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या के पास ईडी जिस 108 करोड़ रुपये के मनी लाॅन्ड्रिग का आरोप लगा रही है, उसमें 79 करोड़ लोन और निवेश का है।

उल्लेखनीय है कि 17 सितम्बर को कोर्ट ने डीके शिवकुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एएसजी केएम नटराज ने डीके शिवकुमार की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ईडी ने उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछताछ की है और उसने महत्वपूर्ण सूचना दी है। चार्टर्ड अकाउंटेंट के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। नटराज ने कहा था कि डीके शिवकुमार ने 800 करोड़ रुपये की मनी लाॅड्रिंग की है। ईडी ने डीके शिवकुमार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी।

डीके शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि डीके शिवकुमार की तबीयत खराब है। ईडी हिरासत 15 दिन से ज्यादा की नहीं हो सकती है और ईडी न्यायिक हिरासत में पूछताछ की मांग नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा था कि इस केस की तुलना पी चिदंबरम के केस से नहीं की जा सकती है। दिल्ली के फ्लैट से जो साढ़े आठ करोड़ रुपये मिले उसमें डीके शिवकुमार के केवल 45 लाख रुपये थे। उन्होंने कहा था कि डीके शिवकुमार के परिवार के 20 बैंक खाते हैं और उनमें 60 लाख रुपये के लेन-देन हुए हैं।

डीके शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी भी पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान रोहतगी ने कहा था कि डीके शिवकुमार की बेटी के खिलाफ आधारहीन आरोप हैं। उन्होंने कहा था कि ईडी का यह कहना ग़लत है कि डीके शिवकुमार के एक खाते से 200 करोड़ के लेन-देन हुए। इसका कोई प्रमाण नहीं है। डीके शिवकुमार की बेटी के खाते में केवल 65 हजार रुपये हैं। रोहतगी ने डीके शिवकुमार के परिवार के सदस्यों के दस साल का बैंक खातों का लेन-देन कोर्ट के सामने रखा। उन्होंने कहा था कि डीके शिवकुमार के पास की संपत्ति में से अधिकांश उनके पिता की विरासत से मिली संपत्ति है।

16 सितम्बर को ईडी ने कर्नाटक कांग्रेस के नेता में डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था। ईडी ने डीके शिवकुमार की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि हिरासत में पूछताछ के दौरान उन्होंने प्रत्यक्ष दस्तावेजी सबूतों के बावजूद सहयोग नहीं किया।

13 सितम्बर को कोर्ट ने डीके शिवकुमार की ईडी हिरासत 17 सितम्बर तक बढ़ा दिया था। कोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया था कि पहले वो डीके शिवकुमार के स्वास्थ्य जरूरतों की पहली प्राथमिकता देंगे, उसके बाद ही उनसे पूछताछ करेंगे। कोर्ट ने ईडी को डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय/बच्चन

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