एक दिन भारत का होगा पीओके...भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत होगी तो सिर्फ आतंकवाद पर: जयशंकर

एक दिन भारत का होगा पीओके...भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत होगी तो सिर्फ आतंकवाद पर: जयशंकर

नई दिल्ली। भारत ने आज कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत का केवल एक ही मुद्दा है, सीमापार आतंकवाद, न कि अनुच्छेद 37० और 35 ए। सरकार ने यह भी दोहराया कि एक दिन पाकिस्तान के कब्ज़े वाला कश्मीर विधिवत रूप से भारत का हिस्सा होगा। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने मोदी सरकार के पहले 1०० दिन में अपने मंत्रालय की उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'पाकिस्तान के संदर्भ में मुद्दा अनुच्छेद 37० नहीं बल्कि पाकिस्तान के आतंकवादी हैं। हमें विश्व को यह महसूस कराना है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा लोगों से पूछते हैं कि क्या वे उन्हें दिखा सकते हैं कि दुनिया में अन्य कोई ऐसा देश है जो अपने पड़ोसी के खिलाफ आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के रूप में प्रसारित करता हो। न्यूयॉर्क में दक्षेस के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ संभावित मुलाकात और बातचीत के संभावित विषयों के बारे में पूछने पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि जब ऐसा मौका आयेगा तब देखा जाएगा। विभिन्न मंत्रियों द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत में शामिल करने संबंधी बयानों के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर भारत का रुख हमेशा से बहुत साफ रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा, 'हम अपेक्षा करते हैं कि एक दिन वह भाग (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) विधिवत हमारे अधिकार में होगा। विदेश मंत्री ने कहा कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) की बैठक में वह बताएंगे कि दक्षेस को कौन विफल बना रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षेस के उद्देश्यों में व्यापार बढाने, सर्वाधिक वरीयता वाले देश का दर्जा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग के विषय शामिल हैं और लोग खुद सोचें कि इस मोर्चे पर दक्षेस को कौन विफल कर रहा है। कुलभूषण जाधव के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की भावना का पालन नहीं किया है। इस विषय में हमारा मकसद जाधव तक पहुंचना और उनके कुशलक्षेम की जानकारी पाना था। उन तक पहुंच हासिल करना दरअसल अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय के माध्यम से एक निर्दोष व्यक्ति को रिहा कराके स्वदेश लाने की दिशा में एक कदम मात्र है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस समय हमारे लिये जाधव की कुशलक्षेम का पता लगाना अधिक जरूरी था। हम चाहते हैं कि उनके मामले में असैन्य अदालत में मुकदमा चलाया जाये, भले ही उसका कोई नतीजा हो। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों खासकर सिंध में मंदिरों पर हमले एवं एक सिंधी लड़की की हत्या की रिपोर्टाें की ओर ध्यान दिलाये जाने पर विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ ऐसा सलूक कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान में गत 7० वर्ष में अल्पसंख्यकों की संख्या में तेजी से गिरावट आयी है और पाकिस्तान सार्वजनिक रूप से इस संख्या को बता नहीं सकता। उन्होंने कहा कि सिंध में जो भी हो रहा है, गत सौ दिनों में यह अकेली घटना नहीं है। सिख लड़कियों को अगवा किया गया। अगर दुनिया के इस हिस्से में मानवाधिकारों का ऑडिट कराया जाये तो मुझे पक्का यकीन है कि कौन सा देश सबसे निचले पायदान पर होगा।

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