राजस्थान में बसपा के सभी छह विधायक कांग्रेस में शामिल...बसपा प्रमुख मायावती तिलमिलाई

राजस्थान में बसपा के सभी छह विधायक कांग्रेस में शामिल...बसपा प्रमुख मायावती तिलमिलाई

जयपुर। राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी के सभी छह विधायक कल देर रात कांग्रेस में शामिल हो गये। बसपा विधायकों ने कल पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की फिर बाद में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को विलय का पत्र दिया। डॉ. जोशी ने विलय की मंजूरी दे दी। बसपा विधायकों में उदयुपरवाटी से राजेन्द्र गुढा, नदवई से जोगिंदर अवाना, करौली से लाखन सिंह, किशन बास से दीपचंद खेरिया, तिजारा से संदीप यादव तथा नगर से वाजिब अली शामिल है। पहले यह विधायक कांग्रेस को बाहर से समर्थन दे रहे थे। बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने का बसपा प्रदेशाध्यक्ष सीताराम और प्रदेश प्रभारी धर्मवीर अशोक को देर रात तक पता ही नहीं चल पाया। बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर अब कांग्रेस विधायकों की संख्या 1०6 हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल के डॉ. सुभाष गर्ग पहले ही कांग्रेस सरकार को समर्थन देकर मंत्री बन चुके है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दस साल पहले भी बसपा के छह विधायकों को कांग्रेस में शामिल किया था। बसपा विधायकों केे कांग्रेस में विलय के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य की राजनीति में काफी मजबूत हो गये है तथा इसका फायदा दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुुनाव तथा निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिल सकता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने स्पष्ट किया है कि बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर किसी प्रकार की अड़चन नहीं है। वहीं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने राजस्थान में अपनी पार्टी के विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेसी नेताओं ने विश्वासघात किया है। सुश्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से दलित आंदोलन की विरोधी रही है और वह वंचित तबकों के प्रति कभी ईमानदार नहीं रही। उन्होंने ट््वीट किया, 'कांग्रेस हमेशा ही बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर और उनकी मानवतावादी विचारधारा की विरोधी रही। इसी कारण डा. अम्बेडकर को देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस ने उन्हें न तो कभी लोकसभा में चुनकर जाने दिया और न ही भारतरत्न से सम्मानित किया। अति-दु:खद एवं शर्मनाक। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी धुर विरोधी पार्टी और संगठनों से लडऩे के बजाए हर जगह उन पार्टियों को ही सदा आघात पहुंचाने का काम करती है, जो उन्हें सहयोग और समर्थन देते हैं। कांग्रेस इस प्रकार एससी, एसटी, ओबीसी विरोधी पार्टी है तथा इन वर्गों के आरक्षण के हक के प्रति कभी गंभीर एवं ईमानदार नहीं रही है। सुश्री मायावती ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बीएसपी के विधायकों को तोड़कर गैर-भरोसेमन्द एवं धोखेबाज़ पार्टी होने का प्रमाण दिया है। उन्होंने कहा कि यह बीएसपी मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है, जो दोबारा तब किया गया है जब बीएसपी वहाँ कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही थी। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के छह विधायक बिना किसी दबाव एवं प्रलोभन, अपनी स्वेच्छा एवं राज्य हित में कांग्रेस के साथ आये है। श्री गहलोत ने आज यहां मीडिया से बसपा सुप्रीमो मायावती के बयान के सवाल पर यह बात कही। उन्होंने कहा 'मायावती जी ने जो कहा है मैं समझता हूं उनका ऐसा रिएक्शन स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें ये भी समझना चाहिए कि विकास के लिए सरकार के साथ जुड़कर विकास करवा सकते हैं, ये सोचकर ही बसपा विधायकों ने यह बड़ा फैसला लिया है।

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