मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार न्यायिक हिरासत में भेजे गए

मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार न्यायिक हिरासत में भेजे गए

नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर 18 सितम्बर को सुनवाई करेगा।

डीके शिवकुमार की ईडी हिरासत मंगलवार को खत्म हो रही थी, जिसके बाद ईडी ने आज उन्हें कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एएसजी केएम नटराज ने डीके शिवकुमार की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि ईडी ने उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछताछ की है और उसने महत्वपूर्ण सूचना दी है। चार्टर्ड अकाउंटेंट के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। नटराज ने कहा कि डीके शिवकुमार ने 800 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग की है। ईडी ने डीके शिवकुमार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।

डीके शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि डीके शिवकुमार की तबीयत खराब है। सिंघवी ने कहा कि ईडी हिरासत 15 दिन से ज्यादा की नहीं हो सकती है और ईडी न्यायिक हिरासत में पूछताछ की मांग नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस केस की तुलना पी चिदंबरम के केस से नहीं की जा सकती है। सिंघवी ने कहा कि दिल्ली के फ्लैट से जो साढ़े आठ करोड़ रुपए मिले, उसमें डीके शिवकुमार के केवल 45 लाख रुपए थे। उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार के परिवार के 20 बैंक खाते हैं और उनमें साठ लाख रुपए के लेन-देन हुए हैं। डीके शिवकुमार की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी भी पेश हुए।

सुनवाई के दौरान रोहतगी ने कहा कि डीके शिवकुमार की बेटी के खिलाफ आधारहीन आरोप हैं। उन्होंने कहा कि ईडी का यह कहना ग़लत है कि डीके शिवकुमार के एक खाते से दो सौ करोड़ के लेन-देन हुए। इसका कोई प्रमाण नहीं है। डीके शिवकुमार की बेटी के खाते में केवल 65 हजार रुपये हैं। रोहतगी ने डीके शिवकुमार के परिवार के सदस्यों के दस सालों का बैंक खातों का लेन-देन कोर्ट के सामने रखा। उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार के पास की संपत्ति में से अधिकांश उनके पिता की विरासत से मिली संपत्ति है।

पिछले 16 सितम्बर को ईडी ने कर्नाटक कांग्रेस के नेता में डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था। ईडी ने डीके शिवकुमार की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि हिरासत में पूछताछ के दौरान उन्होंने प्रत्यक्ष दस्तावेजी सबूतों के बावजूद सहयोग नहीं किया । पिछले 13 सितम्बर को कोर्ट ने डीके शिवकुमार की ईडी हिरासत 17 सितम्बर तक बढ़ा दी थी। कोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया था कि पहले वो डीके शिवकुमार की स्वास्थ्य जरूरतों की पहली प्राथमिकता देंगे, उसके बाद ही उनसे पूछताछ करेंगे। कोर्ट ने ईडी को डीके शिवकुमार की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।


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