नौ सेना के अधिकारियों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया

नौ सेना के अधिकारियों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया


मुंबई। भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर गुरुवार को नौसेना के जांबाजों को नौसेना गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। जम्मू और कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के लिए मई 2018 में बतौर नाविक अमित सिंह राणा को तैनात किया गया था। उन्होंने बैक टू बैक ऑपरेशन के साथ ही डन्ना एंड शोक बाबा ऑपरेशन में भी सफलतापूर्वक हिस्सा लिया और आठ विदेशी आतंकवादियों का मार गिराया। उन्होंने लेफ्टिनेंट कमांडर महेश कुमार के साथ खतरनाक आतंकवादी को भी मार गिराया था।

शोक बाबा गांव में कॉर्डन और सर्च ऑपरेशन के दौरान घातक हथियारों से लैस 5-6 आतंकवादियों को भी बहादुरी से ढेर कर दिया। सामरिक कौशल और वीरता के लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा कैप्टेन नवीन थापा, लेफ्टिनेंट कमांडर रुचिर राकेश खजुरिया, टी. राकेश सिंह, शमींदर सिंह और श्रीनिवास को गैलेंट्री अवार्ड से नवाजा गया। कैप्टेन नवीन थापा एयरक्रॉफ्ट सीकिंग के साथ समुद्र में फंसे भारतीय कोस्ट गॉर्ड के छह जवानों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अपनाई थी। खराब मौसम और समुद्री तुफान के बावजूद बहादुरी और सूझबूझ से उन्होंने सभी जवानों को सकुशल बचाकर ले आए। लेफ्टिनेंट कमांडर रुचिर राकेश खजुरिया को ऑपरेशन रक्षक का ऑफिसर इन चार्ज बनाया गया था। अपनी टीम के साथ जम्मू कश्मीर में सात महीने तक चले इस अभियान में आठ खतरनाक आतंकवादियों का सफाया करने में योगदान दिया। ऑपरेशन रक्षक में मारकोस टीम के सदस्य टी. राकेश सिंह ने बहादुरी से आतंकवादियों का सामना करते रहे।

शोक बाबा के जंगलों में पांच खतरनाक आतंकियों को मार गिराने में यह मारकोस टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने आतंकियों की ओर से बिछाए गए एलईडी को बारूदी सुरंग को नाकाम कर अपनी टीम को आगे बढ़ाने में योगदान दिया, जिससे भागने की फिराक में रहे आतंकियों को समय पर ही मारा जा सका। ऑपरेशन शोक बाबा में शमींदर सिंह और श्रीनिवास भी अपने सहयोगी टी. राकेश के साथ मौजूद रहे थे। एक गोशाला में छिपे तीन आतंकियों को मार गिराने में शमींदर सिंह का भी योगदान रहा।

यह सेना मेडल व्यक्तिगत वीरता और ड्यूटी के दौरान साहसिक काम करने के लिए दिया जाता है, जबकि शौर्य चक्र शांति के समय वीरता के प्रदर्शन के लिए दिया जाने वाला पदक है।


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