स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री की सौगात, छत्तीसगढ़ में बनेगा एक और नया जिला

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री की सौगात, छत्तीसगढ़ में बनेगा एक और नया जिला


-25 नये तहसील बनाये जाने का ऐलान

-आरक्षण को लेकर भी मुख्यमंत्री की घोषणा

-लेमरू एलीफैंट रिजर्व होगा हाथियों को स्थायी ठिकाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर गुरुवार को राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई बड़ी घोषणा भी कीं।

राज्य में भूपेश सरकार ने एक और बड़ी सौगात प्रदेश को दी है, जिसके तहत अब छत्तीसगढ़ में 27 नहीं बल्कि 28 जिले होंगे। राज्य सरकार ने बिलासपुर से अलग पेंड्रा-मरवाही-गौरेला जिला बनाने का ऐलान किया है। पेंड्रा-गौरेला को लंबे समय से जिला बनाने की मांग चल रही थी। लोगों की जिला मुख्यालय से दूरी और जरूरतों को समझते हुए इस बात का ऐलान किया है। वहीं 25 नये तहसील को बनाने की भी घोषणा मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त के मौके पर आज की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठान की सुचारू व्यवस्था के लिए निश्चित तौर पर समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। हमारी सरकार की तरफ से गौठान समितियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे गौठान में काम करने वाले चरवाहों को मानदेय देने सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारे प्रदेश का अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग तबका शांतिप्रिय ढंग से अपने अधिकारों की बात करता है। उनके संविधान सम्मत अधिकारों की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आज यह घोषणा करता हूं कि अब प्रदेश के निवासी अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

भूपेश ने अपने भाषण में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की आवाजाही से कई बार जान-माल की हानि होती है। इसकी एक बड़ी वजह है, हाथियों को उनकी पसंदीदा जगह पर रहने की सुविधा नहीं मिल पाना। इस दिशा में भी हमने गंभीरता से विचार किया है और आज मैं 'लेमरू एलीफैंट रिजर्व' की घोषणा करता हूं। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला 'एलीफेंट रिजर्व' होगा, जहां हाथियों का स्थाई ठिकाना बन जाने से उनकी अन्य स्थानों पर आवाजाही तथा इससे होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही जैव विविधता तथा वन्य प्राणी संरक्षण की दिशा में प्रदेश का योगदान दर्ज होगा।


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