विकास का लक्ष्य बड़ा, लेकिन असम्भव नहीं: योगी

विकास का लक्ष्य बड़ा, लेकिन असम्भव नहीं: योगी

लखनऊ, 24 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि देश को पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिये उनकी सरकार पूरी गंभीरता और कटिबद्धता के साथ कदम बढ़ा रही है। श्री योगी ने यहां राज्य विधानसभा में अनुपूरक बजट प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया के विकसित देशों से कदमताल मिलाने के लिये भारत को पांच ट्रिलियन इकोनामी बनाने के लिये 13० करोड़ लोगों को इस अभियान से जुडऩा होगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिये उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम होगी, क्योंकि देश का हर छठा शख्स इस राज्य का निवासी है और यह प्रदेश को देश में सबसे युवा होने का भी गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिये अनुपूरक बजट पिछली फरवरी को पारित सालाना बजट का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के बिना इस लक्ष्य को प्राप्त करना नामुमकिन है और इसके लिये बुनियादी ढांचे की मजबूती के साथ साथ विकास की रफ्तार को भी बढाना होगा। एक ट्रिलियन की इकोनामी की दिशा में मौजूदा रफ्तार से चलने में लक्ष्य को पाने में 12 से 15 साल का समय लग सकता है। इसलिये दीर्घकालीन भविष्य की खुशहाली के लिये सरकार को कुछ कड़े फैसलों लेने होंगे। इस काज में विपक्ष, सरकारी कर्मचारी और अधिकारी, जनप्रतिनिधि समेत हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच साल में एक ट्रिलियन इकोनामी के लिये सड़क, व्यापार, होटल, खनन, बिजली, यातायात और परिवहन समेत कई अन्य क्षेत्रों में लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढना होगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये प्रदेश में 7० हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रूपये के अतिरिक्त निवेश की व्यवस्था करनी होगी। लक्ष्य बड़ा है, लेकिन असंभव नहीं है। श्री योगी ने कहा कि प्रदेश की सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने इन्वेस्टर्स मीट के जरिये पौने पांच लाख करोड़ रूपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किये, जिस पर विपक्ष ताने कसता था कि एमओयू तो एक औपचारिकता है लेकिन उनकी सरकार ने इस मीट मेें हुये करार पत्रों को अमली जामा पहनाया और पिछले साल जुलाई में 62 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। इसी कड़ी में आगामी 28 जुलाई को गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 65 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं का शिलान्यास अथवा अनावरण किया जायेगा। उन्होने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में उद्यमी प्रदेश में उद्योग लगाने से कतराते थे। वर्ष 2०17 में जब उनकी सरकार सत्ता में आयी तो सैमसंग और टीसीएस सरीखी बहुर्राष्ट्रीय कंपनियां यहां से बोरिया बिस्तर समेट कर जाने की फिराक में थी। उनकी सरकार ने इन कंपनियों को सुरक्षा और मूलभूत सुविधायें देकर इन उद्यमियों का भरोसा जीता जिसका परिणाम है कि सैमसंग ने प्रदेश में अपना निवेश 3००० करोड़ रूपये से बढाकर 5००० करोड़ रूपये कर दिया और उसकी मोबाइल फोन बनाने वाली इकाई जबरदस्त उत्पादन कर रही है वहीं टीसीएस ने लखनऊ के साथ साथ प्रदेश के कई स्थानों पर अपनी शाखायें खोली है। उन्होने कहा कि भारी भरकम निवेश और विकास को गति देने वाली योजनाओं के बावजूद उनकी सरकार ने वित्तीय अनुशासन का पालन किया है। फिस्कल रेस्पॉन्सिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट (एफआरबीएम) की अधिकतम सीमा तीन फीसदी की सीमा को लांघने की कोशिश उन्होने कभी नहीं की।

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