कट मनी पर केंद्र की रिपोर्ट के खिलाफ संसद में विरोध करेगी तृणमूल

कट मनी पर केंद्र की रिपोर्ट के खिलाफ संसद में विरोध करेगी तृणमूल


कोलकाता। सरकारी परियोजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के एवज में ली गई रिश्वत यानी "कट मनी" के मुद्दे पर अब तृणमूल के सांसद संसद में विरोध करने वाले हैं। इस मामले में शनिवार को ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई निर्देशिका जारी की है। इसमें राज्य सरकार को इस मामले पर कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया है और इसकी रिपोर्ट भी तलब की गई है। खास बात यह है कि नई निर्देशिका गृह मंत्री के अंडर सेक्रेट्री के हवाले से जारी की गई है जिसे राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी बहुत अधिक महत्त्व नहीं दे रही है।

रविवार को तृणमूल संसदीय दल के एक नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सोमवार को संसद के जीरो आवर में इस मामले को हम लोग उठाएंगे। मूल रूप से सांसद सुदीप बनर्जी को यह जिम्मेवारी दी गई है। दरअसल कट मनी के मुद्दे पर राष्ट्रीय तौर पर तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार को बदनाम करने के लिए कथित तौर पर भाजपा ने इसे हवा देना शुरू किया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से इस मामले में निर्देशिका जारी कराना और रिपोर्ट तलब करना भी इसी का हिस्सा है। उक्त नेता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेट्री की ओर से निर्देशिका जारी करने और उस पर रिपोर्ट तलब करने का बहुत अधिक महत्व नहीं है। इसका इस्तेमाल केवल मीडिया का मुद्दा बनाने के लिए होता है ताकि उसके सकारात्मक या नकारात्मक लाभ-हानि का इस्तेमाल किया जा सके। उक्त सांसद ने बताया कि संसद के मानसून सत्र में अब तक चार बार लोकसभा में और छह बार राज्यसभा में पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था के मुद्दे को भाजपा के सांसद उठा चुके हैं। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को ऐसे सांसदों को फटकार लगाते हुए कहना पड़ा था कि संसद को बंगाल विधानसभा में परिणत नहीं किया जाए। बावजूद इसके किसी ना किसी बहाने से बंगाल को टारगेट किया जा रहा है। चूंकि इस बार भी शुक्रवार को संसद में सांसद लॉकेट चटर्जी ने कट मनी के कारण राज्य भर में फैली कथित अराजकता का जिक्र किया था और उन्होंने रिपोर्ट मांगी थी इसलिए गृह मंत्रालय की ओर से भी राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की गई है। ऐसे में हम लोग भी इस मामले को रखेंगे और इसका विरोध जताएंगे। कुल मिलाकर कहा जाए तो पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की परिस्थिति को लेकर एक बार फिर सोमवार को संसद का सत्र हंगामेदार होने वाला है।

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