शहर के लाल वारंट अफसर के.के. मिश्रा के घर पहुंची मौत की खबर- शोक में डूबा शहर और परिजनों में मचा कोहराम

शहर के लाल वारंट अफसर के.के. मिश्रा के घर पहुंची मौत की खबर- शोक में डूबा शहर और परिजनों में मचा कोहराम


कानपुर। तीन जून को लापता हुए विमान एएन-32 का मलवा मिलने के साथ ही उसमें सवार रहे शहर के लाल वारंट अफसर के.के. मिश्रा की अनहोनी की बाते होने लगी थी। गुरुवार को मीडिया के माध्यम से मिश्रा के घर यह खबर पहुंच गयी कि सर्च अभियान में कोई भी जीवित नहीं मिला। यह खबर मिलते ही शोक की लहर में डूब गया और परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए शहरवासी उनके घर पहुंचने लगे हैं।

बिल्हौर के उत्तरीपुरा कस्बा के चौबियाना मोहल्ला निवासी कपिलेश कुमार मिश्रा (52) वायु सेना में वारंट अफसर थे। वर्तमान में उनकी असम प्रांत के जोरहाट में तैनाती थी। मिश्रा अपने 13 अफसर साथियों के साथ तीन जून को एएन-32 विमान से उड़ान भरी थी। जिसके बाद थोड़ी ही देर बाद ही विमान का संपर्क टूट गया और लापता हो गया था। उसी दिन से कपिलेश कुमार मिश्रा के घर दुआओं का दौर जारी रहा और 11 जून को यह खबर आयी कि अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के पास 12 हजार फिट ऊॅंचाई वाले क्षेत्र में विमान का मलवा दिखाई दिया। जिसके बाद से परिवार व शहरवासियों में बेचैनी बढ़ गयी और लोग अनहोनी की आशंका जाहिर करने लगे। इसके बावजूद दुआओं का दौर चलता रहा। जिसके बाद सेना ने सर्च आपरेशन किया और इस बात की गुरुवार को पुष्टि कर दी कि विमान में सवार सभी अफसर जिंदा नहीं है। यह खबर मीडिया व सोशल मीडिया में आते ही कपिलेश के घर तक पहुंच गयी और परिवार में कोहराम मच गया। कपिलेश के परिजनों के मुताबिक वायुसेना और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अभी तक कोई खबर नहीं दी। इसके साथ ही कपिलेश की पत्नी व बेटी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिससे अधिकारियों के प्रति परिजनों में रोष भी व्याप्त है। मीडिया में आयी खबरों को देखते हुए उप जिलाधिकारी बिल्हौर हिमांशु गुप्ता ने भी परिजनों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। शहर के लाल की मौत की खबर सुनते ही उनके घर पहुंचने वालों का तांता लग गया और हर व्यक्ति परिजनों को ढांढस बंधा रहा है।


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