होलिका दहन पर प्रतिबंध से नागरिकों में रोष

होलिका दहन पर प्रतिबंध से नागरिकों में रोष

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के छावनी क्षेत्र में होलिका दहन और रंग गुलाल खेलने की मनाही के फरमान से क्षेत्रीय नागरिकों में रोष व्याप्त है।

रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (मध्य कमान) द्वारा 12 मार्च को जारी एक पत्र में कहा गया है कि विवेक विहार कालोनी में मरम्मत और रंगरोगन के साथ पार्को के सौंदर्यीकरण का कामकाज प्रगति पर है। उप नियंत्रक तापिश शम्स द्वारा हस्ताक्षरित चिटठी के अनुसार होलिका दहन के दौरान उत्सर्जित होने वाले धुएं से प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, वहीं रंगो के अनुचित प्रयोग से भवनों की दीवारें खराब हो जाती है। नागरिकों से कहा गया है कि पर्यावरण की रक्षा के लिये आपको सलाह दी जाती है कि होली का पर्व बगैर होलिका दहन और रंगों के मनाये। पेंशनर फोरम ने इस बारे में रक्षा सचिव को पत्र लिखकर उनसे जरूरी कार्यवाही की मांग की है। फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी ने कहा कि प्रधान नियंत्रक को पता ही नही है कि स्थानीय नागरिक पिछले तीन दशकों से जमीन में ईंट और मिट्टी बिछाकर होलिका दहन करते है। होलिका दहन से प्रदूषण नही फैलता, बल्कि इससे व्याप्त कीटाणुओं का नाश होता है। सांप्रदायिक सौहाद्र के प्रतीक होली पर रोक लगाना धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन है।

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