देवबंद से गिरफ्तार जैश के दोनों आतंकियों को पुलवामा हमले की थी पहले से जानकारी.. जैश के आकाओं से मोबाइल एप के जरिए बातचीत करते थे..!

देवबंद से गिरफ्तार जैश के दोनों आतंकियों को पुलवामा हमले की थी पहले से जानकारी.. जैश के आकाओं से मोबाइल एप के जरिए बातचीत करते थे..!

देवबन्द। देवबंद से बृहस्पतिवार देर रात गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मौहम्मद के दोनों आतंकियों शाहनवाज तेली और आकिब अहमद मलिक को पुलवामा हमले की पहले से जानकारी थी। एटीएस के आईजी असीम अरूण के मुताबिक दोनों कश्मीरी युवक पाकिस्तान में बैठे जैश के आकाओं से मोबाइल एप के जरिए बातचीत करते थे। अरूण के मुताबिक यदि हमले से पहले इन युवकों की गिरफ्तारी हो जाती तो संभवत: पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए हमले को रोका जा सकता था। एटीएस और खुफिया एजेंसियां दोनों कश्मीरी युवकों से राज उगलवाने में लगी हुई हैं। एजेंसियों को उम्मीद है कि दोनों युवकों से महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकेंगी। पुलिस के मुताबिक 32 वर्षीय शाहनवाज अहमद तेली कश्मीर के कुलगाम जिले के नूनमई यारीपुरा और 3० वर्षीय आकिब मलिक पुलवामा जिले की तहसील लित्र के गांव चंदगवा के मौहल्ला ठोकर का निवासी है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इन युवकों के पास से कुछ आतंकियों के वीडियों आदि बरामद हुई हैं। सहारनपुर पुलिस के मुताबिक शाहनवाज तेली के जिम्मे जैश-ए-मौहम्मद में नए युवकों की भर्ती का काम था। संभवत: इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने इस्लामिक मदरसों की नगरी देवबंद को अपना नया ठिकाना बनाया था। ये युवक इसी माह एक फरवरी को देवबंद पहुंचे थे और गुपचुप तरीके से अपनेे मिशन को पूरा करने में लगे हुए थे। नाज मंजिल नाम के देवबंद के जिस प्राइवेट हॉस्टल में ये दोनों युवक किराए पर रह रहे थे, वहां रह रहे अन्य छात्रों को उनकी गतिविधियों के बारे में कोई खास भनक नहीं लग पाई थी, लेकिन देवबंद से लगातार अवैध रूप से घुसपैठ कर रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के कारण प्रदेश का खुफिया विभाग और आतंक निरोधी दस्ता एटीएस सक्रिय था। उनके मुखबिरों की सहायता से ही दोनों युवक पुलिस की गिरफ्त में आ सके। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक पुलिस इस दिशा में बहुत सक्रिय और जागरूक है। खुफिया एजेंसियों को यह भी शक है कि देवबंद में कुछ और आतंकी भी छिपे हुए हो सकते हैं। देवबंद में देशभर के आठ से दस हजार छात्र विभिन्न मदरसों में शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में असामाजिक तत्वों की आसानी से शिनाख्त करना बेहद मुश्किल काम है। एसएसपी ने देवबंद के छात्रावास संचालकों को हिदाचत दी है कि अब से बिना सत्यापन के किसी भी छात्र को किराए पर कमरा ना दिया जाए। यदि भविष्य में इसमें चूक हुई तो छात्रावास संचालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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