जम्मू: पाकिस्तान के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल, वाहनो मे लगाई आग, कर्फ्यू लगा

जम्मू: पाकिस्तान के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल, वाहनो मे लगाई आग, कर्फ्यू लगा

जम्मू जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 37 जवानों के शहीद होने के बाद शुक्रवार को यहां पाकिस्तान के विरोध में बंद एवं हिसंक प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों के घायल होने, कई वाहनों के क्षतिग्रस्त होने तथा कुछ को आग के हवाले किये जाने के बाद जिला प्रशासन को पूरे शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा। जम्मूू में पूरी तरह बंद है और हिंसक झड़पों के दौरान 12 से अधिक वाहनों में आग लगा दी गयी। शुरुआती जानकारी के अनसार यहां प्रदर्शनकारियों ने 50 से अधिक वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और 12 से अधिक वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद प्रशासन ने छह थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया और स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। बंद का आह्वान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने किया है जिसका ट्रांसपोर्ट कर्मी, छोटे व्यवसायी, जम्मू बार एसोसिएशन, टीम जम्मू तथा विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने हमले के विरोध में रैली निकाली तथा 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाये। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी की तथा सीआरपीएफ काफिले पर किये गये नृशंस हमले की कड़ी भर्त्सना की। तिरंगा फहराते प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसक भीड़ ने कई वाहनों काे क्षतिग्रस्त कर दिया तथा आग लगा दी। इसके बाद हिंसक झड़पें भी शुरू हो गयीं। इस बीच, स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देख जिला प्रशासन ने पीरमिठा, निओवाबाद, शहर, बख्शी नगर, पक्का डांगा और जानीपुरा समेत उत्तर कश्मीर के छह थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया। जम्मू के विभिन्न इलाकों में हिंसक प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। अफवाह फैलने से रोकने तथा असामाजिक तत्वों के प्रयासाें को नाकाम करने के उद्देश्य से मोबाइल फोन इंटरनेट सेवा पर आंशिक रूप से रोक लगा दी गयी है। जम्मू में पिछले चार दिनों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने के कारण कश्मीर जाने वाले फंसे यात्री पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। इन घटनाओं से कॉलेज छात्र भी भड़के। पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी और शांति भंग करने का प्रयास करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग को लेकर कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

टीम जम्मू के कार्यकर्ताओं ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए पाकिस्तान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। विभिन्न बाजारों से होते हुए प्रदर्शनकारी इस प्रकार की कायराना आतंकवादी हरकत का करारा जवाब देने की मांग कर रहे थे। टीम जम्मू के अध्यक्ष जोरावर सिंह जामवाल ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा,"हम इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करते हैं तथा हमले में अपने प्रियजन खो चुके शहीदों के परिवारों के साथ खड़े हैं।" उन्होंने कहा,"केंद्र और राज्य सरकारों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय सभी आतंकवादियों को बाहर निकालने और खत्म करने के लिए एक सक्रिय नीति अपनानी चाहिए।" यंग पैंथर्स के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप सिंह जामवाल के नेतृत्व में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने तवी पुल को जाम कर दिया और पाकिस्तान का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारी 'पाकिस्तान हाय हाय', 'मोदी तेरे 56 ईंच सीने का क्या हुआ, क्या हुआ', 'हमें क्या चाहिए शहीदों का बदला' के नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पाकिस्तान के साथ युद्ध छेड़ने में विफल रहती है तो 'अनिश्चितकालीन जम्मू बंद' शुरु कर दिया जाएगा। वे राज्यपाल सत्यपाल मलिक के स्थान पर किसी सेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) को राज्यपाल बनाने की भी मांग कर रहे थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविन्द्र रैना के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया तथा पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी भी की। जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाता देश पूरे जम्मू शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया। जिलाधिकारी रमेश कुमार ने कानून और व्यवस्था को बनाये रखने तथा सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान को रोकने के लिए पूरे शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया। इस बीच हिंसक प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को कई स्थानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान तीन पुलिसकर्मियों समेत आठ लोग घायल हो गये हैं।

प्रदर्शन के कारण पर्यटकों एवं वैष्णो देवी की यात्रा पर आये यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा बलों कई इलाकों में कंटीली तारों की घेराबंदी कर प्रदर्शन को रोकने का प्रयास में जुटे हुए हैं।

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