विधानसभा में उत्तर प्रदेश सरकार ने किया आश्वस्त....मैडिकल कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण का लाभ देगी योगी सरकार

विधानसभा में उत्तर प्रदेश सरकार ने किया आश्वस्त....मैडिकल कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण का लाभ देगी योगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों को आश्वस्त करते हुए सरकार ने कहा कि सरकारी मैडिकल कालेजों में शिक्षको की नियुक्ति के मामले में रोस्टर प्रणाली के कारण नजरअंदाज किये गये अनुसूचित जाति/जनजाति के अलावा पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया जायेगा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा और बसपा सदस्यों ने इस मामले को लेकर हंगामा शुरू कर दिया, हालांकि प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों ने सहयोग बनाये रखा। इसके बाद शून्यकाल में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने इस मामले को जोरशोर से उठाया। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार संवैधानिक मानकों को दरकिनार कर उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्यापकों की भर्ती और अन्य सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति पर आरक्षण के मामले में साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अपने अधीन शिक्षण संस्थानों में रोस्टर सिस्टम का हवाला देते हुये शिक्षकों की नियुक्ति पर आरक्षण का लाभ देने से मना किया है जो सरासर कानून के खिलाफ है। सदस्यो ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के लिये नोटिस के जरिये इस मुद्दे को उठाया जिसे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने ठुकरा दिया। श्री चौधरी के समर्थन में बसपा नेता लालजी वर्मा भी खड़े हुये। उनका आरोप था कि नये मेडिकल कालेजों में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और एसोसियेट प्रोफेसर समेत अध्यापकों की भर्ती में आरक्षण को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 36० पदों में एक भी पद आरक्षित नहीं किया गया और ना ही इसमें आयु सीमा में छूट प्रदान की गयी। इन पदों के लिये साक्षात्कार की प्रक्रिया चार फरवरी से शुरू हो चुकी है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के आरोपों पर सरकार का बचाव करते हुये कहा कि पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों ने इस बारे में अधिसूचना जारी की थी जिसमें दलितों और पिछड़ों को केजीएमयू और एसजीपीजीआई में आरक्षण की सुविधायें नहीं देने को कहा था। उन्होने अपनी बात को पुख्ता करने के लिये सदन के पटल पर अधिसूचना से संबधित दस्तावेज प्रस्तुत किये। उन्होंने कहा कि बसपा और सपा की अधिसूचना ने शैक्षणिक संस्थानों के विभिन्न विभागों का निर्माण किया जो सभी समस्यायों की मूल वजह बनी।

Share it
Top