प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों पर बोला करारा हमला...विपक्षी दलों की महामिलावट के बावजूद चौकीदार चुप बैठने वाला नहीं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों पर बोला करारा हमला...विपक्षी दलों की महामिलावट के बावजूद चौकीदार चुप बैठने वाला नहीं

रायगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें कोसने वाले कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के कर्ताधर्ताओं को आज जमकर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग कितनी ही 'महामिलावट कर लें, लेकिन 'चौकीदार चुप बैठने वाला नहीं है। श्री मोदी ने कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि महामिलावट में शामिल लोग स्वयं भ्रष्टाचार करते हैं और भ्रष्टाचारियों से मिले हुए हैं। महामिलावट में शामिल होने वाले नेताओं का एक ही क्राइटेरिया है कि वे मोदी को कितने अपशब्द कह सकते हैं। इन सबके बावजूद चौकीदार डरने और चुप बैठने वाला नहीं है। श्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस के नामदार परिवार का प्रत्येक सदस्य किसी ने किसी मामले में लिप्त है। उनके सदस्य या तो जमानत पर बाहर हैं या फिर अग्रिम जमानत का लाभ ले रहे हैं। कोई जमीन घोटाले, तो कोई टैक्स घोटाले में शामिल है। उन्होंने कहा कि चौकीदार पूरी तरह अलर्ट है और ऐसे लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। श्री मोदी ने राज्य में एक तरह से लोकसभा चुनाव अभियान का आगाज करते हुए कहा कि चौकीदार, नामदार परिवार का प्रत्येक राज खोलने के लिए कार्य कर रहा है। इनके 'मामाओं और चाचाओं को भारत लाकर जांच एजेंसियों को सौंपने का कार्य किया जा रहा है। इन सब स्थितियों के बीच कांग्रेस समेत विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता महामिलावट में जुट गए हैं और वे उन्हें (मोदी) कोस रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे उनमें शामिल नहीं, जो अपनी किताब खुलने से डरते हैं। जो शासक अपनी किताब खुलने से डरते हैं, वे ही शक्तिशाली शासकों के विरूद्ध कार्रवाई करने से डरते हैं। श्री मोदी के मुताबिक वे ऐसे लोगों में शामिल नहीं हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से सतर्क रहने का आम लोगों से आह्वान किया और कहा कि उन्हें देशहित में कार्य करने वालों को समर्थन देना चाहिए। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की नयी कांग्रेस सरकार पर भी जमकर हमला बोला और कहा कि वे इस राज्य को एटीएम बनाना चाहते हैं, इसलिए यहां सीबीआई की एंट्री पर रोक लगा दी है। यहां की सरकार बक्से भरभरकर दिल्ली भेजना चाहती है। उन्होंने किसान ऋणमाफी में भी राज्य सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि कांग्रेस ने चुनाव (विधानसभा चुनाव) के पहले किसानों के कर्ज दस दिनों में माफ करने की घोषणा की थी, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया। कुछ ऐसे किसानों के ऋणमाफ किए गए, जिनके खाते ग्रामीण और कुछ अन्य बैंकों में थे। उन किसानों का क्या होगा, जिन्होंने अन्य संस्थाओं, साहूकारों या अपने रिश्तेदारों आदि से ऋण लिया हुआ है। श्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने इस घोषणा के जरिए वोट बटोरने का कार्य किया। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने वादा नहीं निभाया।

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