भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा....ममता का क्या राज जानते हैं पुलिस कमिश्नर?

भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा....ममता का क्या राज जानते हैं पुलिस कमिश्नर?

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चिटफंड घोटालों के सिलसिले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अधिकारियों एवं स्थानीय पुलिस के बीच टकराव को लेकर धरने पर बैठी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सोमवार को पूछा कि इन घोटालों के राज़दार कोलकाता के पुलिस आयुक्त के बचाव में उनके धरना देने का क्या अर्थ लगाया जाये। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने यहां पार्टी के मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में इस मामले पर पार्टी का दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा कि शारदा, नारदा, रोजवैली चिटफंड घोटालों में लाखों गरीबों की मेहनत की कमाई को लूटा गया था, जबकि कांग्रेस और वाममोर्चे की जनहित याचिका पर नौ मई 2०14 को उच्चतम न्यायालय ने इन घोटालों एवं उनके पीछे साजिश के व्यापक तारों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। श्री प्रसाद ने कहा कि इस जांच में सुश्री ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री मदन मित्रा, सुश्री बनर्जी के निकटस्थ सांसद एवं तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में नेता सुदीप बंद्योपाध्याय तथा दो सांसद तपस पाल और कुणाल घोष भी गिरफ्तार किये जा चुके हैं, लेकिन तब सुश्री बनर्जी धरना देना तो दूर एक शब्द तक नहीं बोलीं और आज एक 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी कोलकाता के पुलिस आयुक्त को लेकर क्यों इतनी व्याकुल हैं और धरने पर बैठी हैं। उन्होंने पूछा, 'आखिर क्या चीज़ है, पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार? उन्होंने कहा कि 'लगता है कि राज़दार बहुत कुछ जानता है और इसीलिए मुख्यमंत्री समझती हैं कि रादार को बचाना बहुत ज़रूरी है।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ हो रहा है, उसे पूरा देश देख रहा है। उन्होंने कहा कि ये जो गठबंधन तैयार किया जा रहा है, वह भ्रष्ट लोगों का गठबंधन है और जो लोग कह रहे हैं कि संघीय ढांचा चरमरा गया है, उन्हें बताना चाहिए कि क्या भ्रष्टाचार की जांच करना 'पाप' है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई रोजवैली, शारदा आदि घोटालों की जांच करे तो क्या ये पाप है। श्री प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में शासन की सारी मर्यादायें समाप्त हो गयी हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए धरने पर बैठने वाले पहले व्यक्ति थे। अब सुश्री बनर्जी ने भी श्री केजरीवाल से यह सीख लिया है। उन्होंने श्री राजीव कुमार के धरने पर बैठने की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक पुलिस अधिकारी राजनीतिक लोगों के साथ धरने पर बैठे, ऐसा कभी नहीं हुआ।

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