शामली: धरने में पहुंचे जयंत चौधरी, गन्ना मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए उठाई बकाया भुगतान की मांग

शामली: धरने में पहुंचे जयंत चौधरी, गन्ना मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए उठाई बकाया भुगतान की मांग



शामली। बकाया गन्ने के सम्पूर्ण भुगतान की मांग को लेकर शामली शुगर मिल में चल रहे किसानों के आन्दोलन में गुरुवार को पहुंचे राष्टीय लोक दल उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार राजनैतिक दबाव में है। इस कारण वह जान-बूझकर किसानों का भुगतान नहीं करना चाहती है। किसान परेशान हैं, यदि शासन-प्रशासन ने किसानों को छेड़ने का प्रयास किया तो परिणाम भुगतने होंगे।

शामली शुगर मिल में बकाया गन्ने का सम्पूर्ण भुगतान की मांग को लेकर पिछले करीब नौ दिनों से जनपद के किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। किसानों ने शुगर मिल को बंद कराकर धरना दिया हुआ है। इसके चलते गुरुवार को रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी किसानों के धरने पर पहुंचे। जहां किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले लगातार नौ दिनों से भुगतान की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन चल रहा है। आज किसान परेशान हैं, इनको कोई सुनने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी का चाहे वह जाट, गुर्जर, मुस्लिम या अन्य कोई भी वर्ग हो अपनी राजनीतिक पार्टी है, लेकिन किसानों की कोई राजनैतिक पार्टी नहीं है। यदि किसान राजनीति से दूर होगा तो वह परेशान होगा। हम लोग साथ बैठेंगे और अपनी मांगों को रखेंगे। सरकारें किसान ही बनता है। गन्ना मंत्री के कार्यकाल में उनके गृह जनपद में ही किसान परेशान हैं। यदि उनके अंदर कुछ समझदारी है, तो मुख्यमंत्री के पास जाकर अपना त्यागपत्र दे देना चाहिए।

गन्ना मंत्री पर खुलेआम आरोप लग रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि उनके पूंजीपतियों के साथ संबंध ज्यादा अच्छे हैं। इसलिए किसानों की फिक्र कम है। उन्होंने कहा कि शामली जनपद में पिछले नौ दिनों में राजनीतिक प्रक्रिया आनी चाहिए थी, वह नहीं हुई। शामली वह धरती है, जहां से दिए गए नारे पूरे देश में छा जाते हैं। किसानों ने केन्द्र तथा प्रदेश में भाजपा की दोनों सरकारें बनाई, लेकिन आज कोई भी किसानों की बात करने को तैयार नहीं है। प्रदेश सरकार में राजनैतिक दबाव है। इस कारण प्रदेश सरकार जान-बूझकर किसानों का भुगतान नहीं करना चाहती है।

जयंत ने कहा कि किसान परेशान हाल है, यदि शासन प्रशासन ने किसानों को छेड़ने का प्रयास किया तो परिणाम भुगतने होंगे। किसानों को अपने आन्दोलन में संयम बरतना चाहिए। वह किसानों के आन्दोलन के साथ यदि आवश्यकता पड़ी तो वे दोबारा भी धरने पर आएंगे।

इस अवसर पर रालोद महासचिव त्रिलोक त्यागी, युवा प्रदेश अध्यक्ष वसीम रजा, एमएलसी विरेन्द्र सिंह, सांसद तबस्सुम हसन, पूर्व सांसद अमीर आलम खां, पूर्व विधायक नवाजिश आलम,आदि मौजूद रहे।


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