ईवीएम को लेकर राजनीतिक जंग तेज...भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस में सिब्बल की मौजूदगी पर उठाये सवाल

ईवीएम को लेकर राजनीतिक जंग तेज...भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस में सिब्बल की मौजूदगी पर उठाये सवाल

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ईवीएम हैकिंग को लेकर लंदन में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को कांग्रेस द्वारा प्रायोजित साजिश करार देते हुए आज कहा कि वह 2०14 के देश के जनादेश का अपमान कर रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता तथा विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी हार सुनिश्चित जानकर पहले से ही बहाने ढूँढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 'यह पूरा आयोजन कांग्रेस द्वारा प्रायोजित था। चुनाव में अपनी हार निश्चित जानकार कांग्रेस अभी से बहाने ढूँढ़ रही है। उसे स्पष्ट करना चाहिये कि क्या यह कैम्ब्रिज एनालिटिका नंबर-2 है। हम देश के लोगों के सामने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करेंगे। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक आशीष रे के ट्वीटों का हवाला देते हुए कहा कि वह समर्पित कांग्रेसी है। नेशनल हेराल्ड में लिखता है और कांग्रेस के पक्ष में और भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करता रहा है। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा ''भाजपा यह पूछना चाहती है कि श्री सिब्बल वहाँ क्या कर रहे थे। वह किस हैसियत से वहाँ उपस्थित थे। हमारा स्पष्ट आरोप है कि वह पूरे मामले की कांग्रेस की तरफ निगरानी करने के लिए वहाँ गये थे। श्री सिब्बल के निजी हैसियत से वहाँ मौजूद होने के तर्क के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि यह संयोग था तो यह दुर्लभ संयोग था। निश्चित रूप से वह तय मंशा से वहाँ गये थे। श्री प्रसाद ने ईवीएम हैकिंग का दावा करने वाले कथित साइबर विशेषज्ञ सैयद शूजा की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा 'मैं साढ़े चार साल से देश का सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री हूँ। दुनिया के सभी बड़े साइबर विशेषज्ञों को जानता हूँ, पर कभी उसका नाम नहीं सुना। आमंत्रण में आपने कहा था कि आप ईवीएम हैक करके दिखायेंगे। लेकिन, आप अमेरिका से प्रकट होते हैं और चेहरा ढँककर प्रकट होते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रयास को 'बकवास की संज्ञा देते हुए कहा कि यह विदेश की धरती से भारत को बदनाम करने की साजिश है। उसने गवाह के तौर पर पूर्व मंत्री गोपीनाथ मुंडे का नाम लिया है जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि श्री मुंडे का पोस्टमॉर्टम करने वाले एम्स के डॉ. सुधीर गुप्ता स्वयं टेलीविजन चैनलों पर कह चुके हैं कि उनकी मौत दुर्घटना के कारण हुई थी। कानून मंत्री ने कहा ''उसने अपने दावों के पक्ष में कोई सबूत नहीं दिया। पत्रकारों को सवाल भी नहीं पूछने दिया। न गवाही, न सबूत, न सवाल और देश पर इतना बड़ा आरोप लगाने की बात कर रहे हैं? उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुये कहा कि विपक्षी दल को यह स्पष्ट करना चाहिये कि क्या वह 2०14 के देश के जनादेश का अपमान कर रही है, क्या वह देश के 9० प्रतिशत मतदाताओं का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि 'उस समय संप्रग सत्ता में थी हम नहीं। जब हम सत्ता में थे नहीं तो हम ईवीएम कैसे हैक कर सकते हैं। यह कैसा तर्क है। श्री प्रसाद ने कहा कि देश में ईवीएम का इस्तेमाल करीब 2० साल से हो रहा है। जब कांग्रेस 1० साल सत्ता में रही ईवीएम ठीक थी? जब उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश सरकार, पश्चिम बंगाल में ममता सरकार, दिल्ली में केजरीवाल और पंजाब में अमरिंदर सरकार तथा केरल में एलडीएफ की सरकार बनीं तब ईवीएम ठीक थी? इससे खराब तर्क नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि 2०17 में निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करने की खुली चैनौती दी थी, लेकिन उस समय कोई भी दल सामने नहीं आया था और अब वे चाहते हैं कि हम ईवीएम की बजाय फिर से मतपत्रों के युग में चले जायें। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सरकार ने ईवीएम में वीवीपैट लगाने के लिए धन मुहैया कराया है। चुनाव आयोग स्वयं सुधार करता रहता है। कांग्रेस इस तरह की बात करके स्वयं सुनियोजित तरीके से उच्चतम न्यायालय और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ काम कर रही है।


हमारा कर्मचारी नहीं रहा है सैयद शूजा: ईसीआईएल

नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बनाने वाली कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीआईएल) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ईवीएम की डिजाइनिंग से जुड़े होने तथा ईवीएम की हैकिंग संभव होने का दावा करने वाला सैयद शूजा उसका कर्मचारी नहीं रहा है और न ही ईवीएम की डिजाइनिंग या विकास की परियोजना से जुड़ा रहा है। ईसीआईएल ने आज निर्वाचन आयोग को यह जानकारी दी। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल संजय चौबे ने उपनिर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन को भेजे पत्र में सैयद शूजा के 2००9 से 2०14 के बीच ईसीआईएल के कर्मचारी होने के दावे के बारे में लिखा है। कंपनी के रिकॉर्ड की जाँच से पता चला है कि सैयद शूजा ईसीआईएल के नियमित कर्मचारी के तौर पर कंपनी के रोल पर नहीं रहा है। वह 2००9 से 2०14 के बीच ईवीएम की डिजाइन एवं विकास से भी नहीं जुड़ा रहा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में रह रहे साइबर विशेषज्ञ सैयद शूजा ने सोमवार को लंदन में प्रेसवार्ता कर दावा किया था कि भारत में मतदान के लिए इस्तेमाल की जा रही ईवीएम हैक की जा सकती है और वर्ष 2०14 के लोकसभा चुनावों में हैकिंग हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वह पहले ईसीआईएल में काम कर चुके हैं और ईवीएम की डिजाइनिंग से भी जुड़े रहे हैं।

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