शामली: किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचीं सांसद तबस्सुम हसन ने सरकार पर साधा निशाना..कहा, सरकार करे किसानों का स्वयं भुगतान

शामली: किसान आंदोलन को समर्थन देने पहुंचीं सांसद तबस्सुम हसन ने सरकार पर साधा निशाना..कहा, सरकार करे किसानों का स्वयं भुगतान



शामली। बकाया गन्ने का सम्पूर्ण भुगतान की मांग को लेकर शामली शुगर मिल में चल रहे किसानों के आन्दोलन में रविवार को पहुंचीं रालोद सांसद तबस्सुम हसन ने कहा कि प्रदेश सरकार अन्नदाता को परेशान कर शौचालय बनाने में लगी है। यदि अन्न नहीं होगा तो शौचालयों का क्या करेंगे।

विधायक नाहिद हसन ने कहा कि सरकार चाहती तो किसानों का स्वयं भुगतान कर बाद में मिल मालिकों से वसूल सकती है। इस दौरान आधा दर्जन किसानों ने भुगतान नहीं होने पर आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है। पिछले करीब पांच दिनों से गन्ने का सम्पूर्ण भुगतान की मांग को लेकर किसानों का शामली शुगर मिल में फैक्ट्री बंद कराकर धरना-प्रदर्शन जारी है। रविवार को किसानों के धरने पर पहुंची राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) सांसद तबस्सुम हसन ने कहा कि किसानों के सामने कोई पार्टी मायने नहीं रखती है। किसान देश का अन्नदाता है। किसान छह माह पूर्व अपना पैसा लगाता है और उसके बाद जब फसल उगती है, तो उसका पैसा भी उसको साल भर बाद मिले तो उसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शुगर मिल अधिकारी की लापरवाही क्षम्य नहीं

सांसद तबस्सुम हसन ने आगे कहा कि शुगर मिल अधिकारी आरबी खोखर की लापरवाही क्षम्य नहीं है। यदि किसानों में एकता है तो ऐसे अधिकारी रफूचक्कर हो जाएंगे। किसान एकता जिंदाबाद का नारा लगाकर सभी को एक साथ खड़ा होना होगा। जब हम किसी दुकानदार से सामान खरीदते है, तो दुकानदार पहले पैसे लेता है, लेकिन किसान का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जनपद का गन्ना मंत्री किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है। वह किसान को कमजोर समझ रहे हैं।

गन्ना मंत्री नहीं सुनना चाहते किसानों की बात

कैराना विधायक नाहिद हसन ने कहा कि चार महीने से कोई भुगतान नहीं हुआ। किसान की दशा खराब है। जिसकी कमाई खेती-बाड़ी से हो वह कैसे गुजारा करता है। किसान के नीचे काम करने वाले मजदूरों का भी बुरा हाल है। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे जनपद के गन्ने विभाग के मंत्री कही न कही किसानों की बात सुनना नहीं चाहते।

मजदूरों को दरकिनार कर सुनी जी रही धन्ना सेठों की बात

सत्तर प्रतिशत किसान और मजदूरों को दरकिनार कर धन्ना सेठों की बात सुनी जाती है। किसानों के नाम से योजना चलाकर सिर्फ बड़े उद्यमियों को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। यह लोग किसानों से प्यार नहीं करते। किसान ऐसे लोगों को कुछ नहीं दे सकता और मिल मालिकों से सांठ-गांठ कर उनकी ही बात करते हैं। बड़ी गाड़ी और बड़ी फ्लैट देने वालों की ही बात सुनी जा रही है।

सरकार करे किसानों का स्वयं भुगतान

सरकार चाहती तो किसानों का स्वयं भुगतान कर बाद में मिल मालिकों से वसूल सकती है। शामली शुगर मिल का आरबी खोखर भी किसी की नहीं सुन रहा और यही कारण है कि शामली शुगर मिल रसातल में जा चुका है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ किसान की हैसियत से किसानों के बीच में आए हैं और किसानों के आन्दोलन के साथ हैं। किसानों ने सम्पूर्ण भुगतान नहीं होने पर आत्मदाह करने की भी चेतावनी दी है।

इस प्रदर्शन में देशपाल राणा, रवीन्द्र उर्फ चौबा कसेरवा, रामपाल बलवा, आजाद सिंह बलवा, मोहकम सिंह सिंभालका, आजाद सिंह कसेरवा कला शामिल है। धरने पर पूर्व विधायक पंकज मलिक ने भी दूसरे दिन लगातार पहुंचकर अपना समर्थन दिया है।

इस अवसर पर पूर्व चैयरमैन राजेश्वर बंसल, वाजिद अली प्रमुख, असलम प्रमुख, जिलाध्यक्ष रालोद योगेन्द्र सिंह चैयरमैन, रणधावा मलिक, मनोज राणा, हरपाल सिंह, सुरेन्द्र सिंह, गौतम चौहान, बाबूराम पंवार, मदन प्रधान, रण कुमार, प्रमोद राणा आदि मौजूद रहे।


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