केंद्र सरकार ने अक्षरधाम से यूपी बॉर्डर तक छह लेन के एलिवेटिड रोड को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने अक्षरधाम से यूपी बॉर्डर तक छह लेन के एलिवेटिड रोड को दी मंजूरी


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्वी दिल्ली को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए अक्षरधाम से उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक छह लेन के एलिवेटेड रोड को मंजूरी दे दी। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 709-बी के नाम से जानी जाएगी। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय सांसद मनोज तिवारी 26 जनवरी को इसकी आधारशिला रखेंगे।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को इस संबंध में भाजपा सांसद मनोज तिवारी को एक पत्र भेजकर सूचित किया। पत्र के अनुसार, भाजपा सांसद काफी समय से अपने संसदीय क्षेत्र में इस सड़क के निर्माण के लिए मंत्रालय से आग्रह कर रहे थे। भारतमाला योजना के तहत बनने वाली अक्षरधाम-गीता कॉलोनी-शास्त्री पार्क-खजूरी खास-दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक इस सड़क की लम्बाई 14.75 किलोमीटर होगी। इसकी अनुमानित लागत 1100 करोड़ रुपये है। यह छह लेन की पूरी सड़क के दोनों तरफ सर्विस रोड भी होगा।

अक्षरधाम को यह राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से जोड़ेगा। पांच खंडों में विभाजित इस सड़क की कुल लम्बाई 155 किलोमीटर है। इस पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 4405 करोड़ रुपये है। पहला खंड दिल्ली के अक्षरधाम से खजूरी खास यूपी बॉर्डर तक का है। इसकी लम्बाई 14.75 किलोमीटर है। दूसरा खंड यूपी बॉर्डर-मंडोला-ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे इंटरसेक्शन तक है। इसकी लम्बाई 16.57 किलोमीटर है और इसकी लागत 1800 करोड़ रुपये है। तीसरा खंड ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे शामली बाईपास तक 61.4 किलोमीटर लम्बा है। इसकी अनुमानित निर्माण लागत 725 करोड़ रुपये है। इस खंड के निर्माण का टेंडर भी जारी हो चुका है। वहीं चौथे चरण में शामली बाईपास से सहारनपुर बाईपास का 62.7 किलोमीटर लम्बा खंड है। इसकी अनुमानित लागत 780 करोड़ रुपये है।

भाजपा संसद मनोज तिवारी ने संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली सरकार के फंड की कमी को लेकर घेरते हुए कहा कि दिल्ली के भाजपा के सात सांसदों को मात्र 35 करोड़ का बजट मिलता है और दिल्ली सरकार का बजट 53,000 करोड़ है लेकिन केजरीवाल कहते हैं वो इन 53,000 करोड़ से काम नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की नीयत अच्छी होती तो वह दिल्ली के लिए और भी फंड ला सकते थे। उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ से दो साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा और दिल्ली के शास्त्री पार्क और खजूरी खास से सहारनपुर 35 से 40 मिनट में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस सड़क निर्माण के लिए कम से कम भूमि अधिग्रहण करना होगा इससे सरकारी खजाने को 66 सौ करोड़ रुपये की बचत होगी। यह एलिवेटिड रोड होगी और जगह-जगह नीचे उतरेगी।


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