सहारनपुर: मौलाना महमूद मदनी का इस्तीफा...मदनी के इस्तीफे से मचा हुआ है हडकम्प, अचानक लिये गये फैसले से मुस्लिम जगत हैरान

सहारनपुर: मौलाना महमूद मदनी का इस्तीफा...मदनी के इस्तीफे से मचा हुआ है हडकम्प, अचानक लिये गये फैसले से मुस्लिम जगत हैरान

देवबंद। जमीयत उलेमा हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना सैय्यद महमूद मूदनी ने आज अपने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से दिया इस्तीफा दे दिया है। देवबंद के पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने जमीयत के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी मौहम्मद उस्मान मंसूरपुर को अपना इस्तीफा भेज दिया है। हालांकि खबरेें मिली है कि अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नही किया गया है। पूर्व सांसद मौलाना महमूद मदनी के जमीयत से इस्तीफा दिए जाने की खबर से इस्लामिक शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र देवबंद समेत पूरे मुस्लिम जगत में हलचल मच गई है। ध्यान रहे मौलाना महमूद मदनी इस्लामिक जगत की बड़ी हस्ती हैं और उनका मुसलमानों में जबरदस्त प्रभाव है। अचानक लिए गए इस फैसले से सभी हैरान है। हालांकि इस्तीफा देने की क्या वजह रही, इसके बारे में न तो मदनी कुछ कहने को तैयार हैं और न ही कारी उस्मान कुछ ही बता पा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार की रात्रि अध्यक्ष कारी मौहम्मद उस्मान मंसूरपुरी को अपना इस्तीफा एक बंद लिफाफे में भेजा है। जिसे पढ़कर कारी उस्मान मंसूरपुरी काफी परेशान हुए। मदनी द्वारा भेजे गए इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो इस्लामिक हल्कों में चर्चाओं का बाजार भी गरम हो गया। इस संबंध में मौलाना महमूद मदनी से जब पत्रकारों ने बात की तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा दिया है, लेकिन इसकी वजह क्या है इस पर मदनी ने केवल इतना ही कहा कि उन्होंने इस्तीफे में सब कुछ लिखा है। महमूद मदनी राजनीतिज्ञ और इस्लामी विद्वान हैं। वे 2००6 से 2०12 तक राज्य सभा के सदस्य रहे। मौलाना महमूद मदनी स्वतंत्रता, समानता, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के संघर्ष की एक शताब्दी पुरानी विरासत की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करतेे है। उनके दिवंगत पिता मौलाना असद मदनी पूर्व सांसद और जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैै। उनके बाबा दिवंगत हुसैन अहमद मदनी इस्लामी धर्मशास्त्र के महान विद्वान रहे है। उन्होंने दारुल उलूम देवबंद में, स्वतंत्रता के संघर्ष के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

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