बिजनौर-चांदपुर चीनी मिलों के जीएम को पुलिस ने हिरासत में लिया, दो घंटे बाद छोडा

बिजनौर-चांदपुर चीनी मिलों के जीएम को पुलिस ने हिरासत में लिया, दो घंटे बाद छोडा

बिजनौर। बकाया गन्ना भुगतान न दिए जाने से राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की महापंचायत में सरदार वीएम सिंह के सामने पुलिस ने बिजनौर चीनी मिल के जीएम को हिरासत में ले लिया। चांदपुर चीनी मिल के जीएम ने किसानों के बीच ही इस्तीफा देने का एलान कर दिया, लेकिन किसानों ने उन्हें भी पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बाद में दो घंटे बाद समझौता होने पर दोनों जीएम को छोड़ा गया। मिल अधिकारियों द्वारा 25 जनवरी तक बकाया भुगतान करने के आश्वासन पर भडके किसान शांत हुए। बिजनौर चीनी मिल पर पिछले साल के पेराई सत्र का 25.63 तथा चांदपुर मिल पर 35.63 करोड़ रुपया बकाया है। मंगलवार को सरदार वीएम सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में किसानों की महापंचायत बुलाई गई थी। करीब साढ़े तीन बजे एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, एसडीएम बृजेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह मिल अफसरों के साथ पहुंचे। बिजनौर मिल के जीएम इसरार अहमद ने किसानों को बताया कि उन्हेें शासन से सॉफ्ट लोन नहीं मिला है। लोन के लिए हाईकोर्ट में केस किया है। कोर्ट से मंजूरी मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इस साल का थोड़ा भुगतान किया गया है, इस पर किसान भड़क गए। किसानों ने प्रशासनिक व मिल अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। किसानों ने बिना भुगतान के पंचायत खत्म करने से इंकार कर दिया। किसानों ने मिल अधिकारियों व मालिकों को गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत बिजनौर चीनी मिल के जीएम इसरार अहमद को हिरासत में ले लिया और थाने ले गए। इसी के साथ चांदपुर चीनी मिल के जीएम तेजवीर सिंह ढाका ने किसानों के बीच ही अपना इस्तीफा देने की घोषणा कर दी, लेकिन किसान नहीं माने। उन्होंने चांदपुर चीनी मिल के जीएम को भी पकड़कर सीओ सिटी महेश कुमार को हवाले कर दिया। सीओ सिटी महेश कुमार ने जीएम को हिरासत में लेकर थाने ले आये तथा किसान कलक्ट्रेट में हंगामा करते रहे। बाद में मिल अधिकारियों द्वारा 25 जनवरी तक पिछले साल के समस्त भुगतान का आश्वासन मिलने पर किसान शांत हुए और सात दिन से चल रहा किसानों का धरना समाप्त हुआ। सीओ सिटी महेश कुमार ने बताया कि भुगतान के आश्वासन पर दोनों जीएम को किसानों की सहमति पर दो घंटे बाद छोड दिया गया।

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