केजरीवाल की बेटी का अपहरण करने संबंधी धमकी भरा ईमेल भेजने वाला छात्र गिरफ्तार

केजरीवाल की बेटी का अपहरण करने संबंधी धमकी भरा ईमेल भेजने वाला छात्र गिरफ्तार



नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अधिकारिक मेल आईडी पर ई-मेल के जरिए उनकी बेटी का अपहरण करने की धमकी देने वाले आरोपित युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पुलिस ने उसके खिलाफ केस भी दर्ज किया है। यूपी के रायबरेली इलाके से दबोचे गए आरोपित युवक ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए और फेमस होने के इरादे से ऐसा किया था। बहरहाल पुलिस उससे सघन पूछताछ कर रही है।

साइबर सेल के डीसीपी अनेश रॉय ने बताया कि पकड़े गए शख्स की पहचान विकास के रूप में हुई है। विकास को दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक विकास मूलत: बिहार के मोतीहारी का रहने वाला है। वह दिल्ली में एसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए वह दिल्ली में अपनी बहन के घर में आकर रुका था।

धमकी के बाद मुहैया कराई थी सुरक्षा

डीसीपी के अनुसार विकास ने नौ जनवरी को अपने पर्सनल ईमेल से धमकी भरा मेल अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा था। आरोपित विकास ने तीन मेल भेजकर केजरीवाल की बेटी को अगवा करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं इस धमकी भरे ई-मेल में चुनौती देते हुए आरोपित ने लिखा था कि 'आप अपनी बेटी को बचा सकते हैं तो बचा लें, नहीं तो हम अपहरण कर लेंगे'। इस मेल के आने के बाद ही से केजरीवाल की बेटी को तत्काल प्रभाव से अस्थाई रूप से ही सही सुरक्षा मुहैया कराई गई थी और मामले की जांच साइबर सेल सौंपी गई थी।

कुछ मिनट के अंतराल पर भेजे थे तीन ईमेल

उधर मामले की जांच से जुड़े साइबर सेल सूत्रों ने बताया कि नौ जनवरी को मुख्यमंत्री के ऑफिस के ईमेल पर कुछ देर के अंतराल पर एक के बाद एक तीन धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। पहले दो ईमेल में करीब 18 मिनट का गैप था। सबसे पहले भेजे गए मेल में मुख्यमंत्री की बेटी को अगवा करने की धमकी दी गई। फिर दूसरे मेल में यह कहा गया कि अगर बचा सकते हैं तो बचा लो। वहीं तीसरे ईमेल में यह बताया गया कि यह मेल फेक है।

पुलिस कमिश्नर से की थी शिकायत

धमकी भरा ईमेल आने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजी गई थी। चूंकि मुख्यमंत्री परिवार के साथ राजधानी के सिविल लाइंस इलाके में रहते हैं। उत्तरी जिला पुलिस को पुलिस मुख्यालय की तरफ से सुरक्षा करने को कहा गया और जांच साइबर सेल को सौंपी गई। मुख्यमंत्री की बेटी गुड़गांव की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती है।


Share it
Top