सपा-बसपा महागठबंधन की घोषणा आज....संवाददाता सम्मेलन को सपा अध्यक्ष अखिलेश और बसपा प्रमुख मायावती करेंगी संबोधित

सपा-बसपा महागठबंधन की घोषणा आज....संवाददाता सम्मेलन को सपा अध्यक्ष अखिलेश और बसपा प्रमुख मायावती करेंगी संबोधित

लखनऊ। शुभ दिन का इंतजार किये बिना बहुप्रतीक्षित, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) तथा अन्य छोटे दलों के बीच महागठबंधन की घोषणा शनिवार को यहां की जाएगी। पार्टी सूत्रों ने इससे पहले बताया था कि माघ महीने पहले दिन 15 जनवरी को मकरसंक्रांति के दिन महागठबंधन की घोषणा की जाएगी। 15 जनवरी को प्रयागराज में कुंभ में पहला शाही स्नान होगा। उसी दिन बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव अपना जन्मदिन मनाएंगी। दोनों बड़े दलों बसपा तथा सपा के नेताओं ने शनिवार को लखनऊ में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन बुलाया है जिसमें सुश्री मायावती और अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे। उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेता महागठबंधन की घोषणा करेंगे। सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी और बसपा के महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा ने संयुक्त बयान जारी कर यहां बताया कि संवाददाता सम्मेलन को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती संबोधित करेंगी। सुश्री मायावती नई दिल्ली से गुरूवार शाम को यहां पहुंच गयी हैं, जबकि श्री यादव शुक्रवार दोपहर में ट््िवटर के जरिये कन्नौज में ई-चौपाल में भाग लेंगे। बसपा और सपा सूत्रों के अनुसार दोनों पार्टियां 37-37 बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) और अन्य क्षेत्रीय दलों के लिए छह सीटें बची रहेंगी। महागठबंधन कांग्रेस के लिए रायबरेली और अमेठी सीट भी छोड़ेगा। सूत्रों ने बताया कि शनिवार को महागठबंधन की घोषणा के साथ ही राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष का चुनावी अभियान शुरू हो जाएगा। हालांकि ऐसी अटकलें हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के दो सहयोगी पार्टियां, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी), और केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाली अपना दल (सोनेलाल) महागठबंधन में शामिल हो सकती है। दोनों पार्टियों को एक-एक सीट मिलेगी। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 8० सीटें हैं। बसपा और सपा के एक साथ आने से सत्तारूढ़ भाजपा को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। इससे पहले महागठबंधन ने भाजपा को उसके गढ़ गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में हराया था। वर्ष 2०14 में हुए लोकसभा चुनावों में,भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 8० सीटों में से 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को प्रदेश में 42.63 फीसदी वोट मिले थे। भाजपा सहयोगियों ने भी दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। चुनाव में सपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी और उन्हें 22.35 प्रतिशत वोट हासिल किये थे जबकि बसपा का खाता नही खुल पाया था, लेकिन पार्टी को वोट प्रतिशत 19.77 फीसदी रहा था। वर्ष 2०17 में हुये राज्य विधानसभा चुनाव मेें भाजपा ने 315 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा का वोट प्रतिशत 39.7 रहा, जो लोकसभा चुनाव ने तीन प्रतिशत कम था। सपा ने 22 प्रतिशत वोट पाकर 48 तथा बसपा ने 22़ 2 प्रतिशत वोट पाकर 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सपा-बसपा का वोट प्रतिशत भाजपा को 2०14 के लोकसभा तथा 2०17 के राज्य विधानसभा चुनाव में मिले वोट प्रतिशत के बराबर था। सूत्रों ने बताया कि केन्द्रीय जांच ब्यूरों (सीबीआई) अवैध खनन मामले में अखिलेश यादव से पूछताछ कर सकती है। इसलिये महागठबंधन की घोषणा करने की जल्दबाजी की गयी है। सपा के प्रमुख ने हालांकि कहा है कि वह किसी भी जांच सामना करने के लिए तैयार हैं। उधर आगरा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच किसी भी राजनीतिक दबाव में प्रभावित नही होगी। बसपा ने आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार राजनीतिक लाभ के लिये सीबीआई का दुरूपयोग कर रही है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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