असमः आम चुनाव से पहले अलग हुई भाजपा और असम गण परिषद की राहें..कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा ने राजग से नाता तोड़ने का किया ऐलान

असमः आम चुनाव से पहले अलग हुई भाजपा और असम गण परिषद  की राहें..कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा ने राजग से नाता तोड़ने का किया ऐलान


नई दिल्ली।असम गण परिषद (अगप) ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अपना नाता तोड़ लिया। अगप के अध्यक्ष और असम सरकार में कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा ने यहां राजग से नाता तोड़ने का ऐलान किया।

सोमवार को अतुल बोरा के नेतृत्व में अगप के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर प्रस्तावित नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 के मुद्दे पर चर्चा की। चर्चा के दौरान बोरा के साथ अगप के कार्यकारी अध्यक्ष व असम के कैबिनेट मंत्री केशव महंत, फणिभूषण चौधरी, बीरेंद्र प्रसाद वैश्य व रमेन नारायण कलिता भी मौजूद रहे। सिंह के साथ चर्चा में प्रस्तावित विधेयक पर सरकार के स्पष्ट रुख के बाद बोरा ने राजग से अलग होने का फैसला किया। अगप का यह फैसला प्रधानमंत्री के उस बयान के ठीक एक दिन बाद सामने आया जिसमें मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार प्रस्तावित नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 को संसद की मंजूरी दिलाने के लिए काम कर रही है।

दरअसल, असम में नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 को लेकर भारी विरोध और प्रदर्शन हो रहा है । ऐसे में राज्य में सत्तारुढ़ भाजपा सरकार की साझीदार अगप पशोपेश में पड़ गई थी, क्योंकि वह इस प्रस्ताविक विधेयक का विरोध करते हुए इसे हर हालत में रद्द कराने के लिए अपनी मांग पर अड़ी हुई थी। अगप ने भाजपा के साथ गठबंधन के बाद से ही इस विधेयक को लेकर दबाव बनाने की कोशिश की थी कि अगर संसद में विधेयक पारित होता है तो वह भाजपा नीत राज्य सरकार से अपना गठबंधन तोड़ लेगी।

अब जबकि लोकसभा में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने विधेयक को पेश कर दिया तो अगप की परेशानी बढ़ गई। अंत में अध्यक्ष अतुल बोरा ने गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव और 2016 के असम विधानसभा चुनावों में प्रस्तावित विधेयक को संसद में पारित कराकर देश में शरणार्थी के रूप में आए हिंदू बांग्लादेशियों को नागरिकता देने का मुद्दा उठाया था। जबकि अगप 25 मार्च, 1971 की मध्य रात्रि के बाद आए किसी भी हिंदू या मुसलमान को नागरिकता देने का विरोध करती रही है।

तेलुगू देशम पार्टी, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के राजग से बाहर जाने के बाद अगप तीसरा ऐसा दल है जिसने आम चुनाव से ठीक पहले भाजपा से नाता तोड़ लिया है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध ,ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप ]


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