झारखंड टेरर फंडिंग मामलाः एनआईए बीजीआर कंपनी के महाप्रबंधक रघुराम रेड्डी को लाएगी दिल्ली

झारखंड टेरर फंडिंग मामलाः एनआईए बीजीआर कंपनी के महाप्रबंधक रघुराम रेड्डी को लाएगी दिल्ली


नई दिल्ली। झारखंड के हजारीबाग स्थित बीजीआर कंपनी के जनरल मैनेजर रघुराम रेड्डी को एनआईए दिल्ली लाकर पूछताछ करेगी। यह जानकारी एनआईए के एक भरोसेमंद सूत्र ने दी है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय में रखकर रेड्डी से होगी पूछताछ की जाएगी। अभी एनआईए की टीम उससे हजारीबाग में पूछताछ कर रही है। इस बात की पुष्टि झारखंड पुलिस ने भी की है।

रेड्डी पर आरोप है कि वह नक्सलियों व कॉरपोरेट सर्किल के बीच एक कड़ी का काम करता था। गुरुवार को एनआईए की टीम ने रेड्डी के हजारीबाग स्थित आवासीय परिसर पर छापेमारी की है। इस दौरान उसके यहां से कई एेसे दस्तावेजी सबूत मिले जो नक्सलियों से उसके संबंध को स्थापित कर रहे हैं। एनआईए की टीम ने इस दौरान कई दस्तावेज, कई मोबाइल फोन, कंप्यूटर व लैपटॉप को जब्त किया है। इन सभी साक्ष्यों की जांच दिल्ली स्थित एनआईए के लैब में की जाएगी। इस मामले में एनआईए की टीम पिछले मंगलवार को स्थानीय निवासी दीनानाथ गोप के घर पहुंची जहां, रघुराम रेड्डी ने किराए का बंगला ले रखा था। बताया जा रहा है कि रेड्डी मूल रूप से आंध्रप्रदेश का निवासी है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को एनआईए ने हजारीबाग स्थित रघुराम रेड्‌डी के बंगले को इसलिए सील कर दिया था कि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो। फिर रेड्डी से पूछताछ में सारी स्थिति स्पष्ट होने पर दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों को जब्त किया गया। साथ ही उसका बीएमडब्ल्यू-लैंड रोवर भी अब एनआईए के कब्‍जे में कर लिया है। बीते मंगलवार को एनआईए की तीन सदस्यीय टीम हजारीबाग के हुरहुरू बाबा पथ स्थित बीजीआर कंपनी के हेड रघुराम रेड्डी के किराए के बंगले में उन्हें खोजने पहुंची थी।

हालांकि इस मामले के कोयला खदानों से जुड़े होने की बात बताई जा रही है। इसमें एनआईए नक्सली संगठन को कॉरपोरेट की ओर से दी गई राशि व इस राशि से खरीद किए हथियार से जुड़ी जानकारी को इकट्ठा कर रही है। इसको लेकर एनआईए झारखंड पुलिस के भी संपर्क में है।

बीजीआर कंपनी पूर्व में टंडवा के आम्रपाली परियोजना में काम कर चुकी है। वहां भी इस कंपनी पर टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) से सांठगांठ का आरोप लगा था। रामगढ़ के भुरकुंडा में भी बीआरजी कंपनी के मैनेजर की भी हत्या कर दी गई थी जबकि इसी कंपनी के ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े आजसू नेता सतीश सिन्हा को भी उनके ही कार्यालय में गोली मारी गई थी। ये दोनों मामले भी लेवी से जुड़े बताए जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि बीजीआर का मुख्य काम आउटसोर्सिंग है। रेड्डी के देखरेख में बीआरजी टंडवा के अलावा तापीन, चरही गिद्दी आदि कई स्थानों पर आउटसोर्सिंग का काम करती रही है। पिछले दो-तीन साल से कोयला कंपनी और नक्सली संगठन टीपीसी का गठजोड़ सामने आने के बाद सरकार ने जांच का जिम्मा एनआईए को दिया है।

हालांकि इस मामले में एनआईए के निशाने पर टीपीसी के अलावा कोयला कंपनी के लोग हैं। इनमें एक रघुराम रेड्डी भी है। टीम के आने के बाद घर में रखे कागजात और जांच प्रभावित न हो इसके मद्देनजर ही एनआईए ने रेड्डी के घर को सील कर दिया है।


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