लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्षी दलों को बसपा प्रमुख ने किया आगाह...सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबंधन में शामिल होगी बसपा

लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्षी दलों को बसपा प्रमुख ने किया आगाह...सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही गठबंधन में शामिल होगी बसपा

लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ महागठबंधन की कोशिश में जुटे विपक्ष को आगाह करते हुए बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर ही उनकी पार्टी गठबंधन का हिस्सा बनने को राजी होगी।

सुश्री मायावती ने रविवार को यहां पत्रकारों से कहा कि बसपा गठबंधन के खिलाफ नहीं है, लेकिन वह अपने सम्मान के साथ भी कोई समझौता नहीं करेगी। यदि पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलती हैं, तो गठबंधन से कोई ऐतराज नही है वरना बसपा चुनाव मैदान में अकेले जाने को तैयार है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि वादा खिलाफी के लिये पहचानेे जाने वाले भाजपा नेताओं की जुमलेबाजी का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। गलत नीतियों के कारण देश को आर्थिक बदहाली और बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर करने वाले इस पार्टी की सरकार का लोकसभा चुनाव में नामोनिशान नही रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा और तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा फिर से लुभावने वादे की रणनीति पर काम करने लगी है। अपनी विफलताओं और कारगुजारियों पर पर्दा डालने के लिये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री के जीते जी भाजपा ने उनकी नीतियों की कोई सुधि नही ली और अब उनके परलोक सिधारने के बाद भाजपा के नेता दिवंगत नेता की नीतियों की दुहाई देते फिर रहे हैं। सुश्री मायावती ने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी जैसे अदूरदर्शिता से भरे फैसलों ने देश को आर्थिक बदहाली की ओर ढकेल दिया। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कर नोटबंदी को बेतुका फैसला करार देते हुये कहा कि 5०० और एक हजार के सभी नोट सरकारी खजाने में वापस आ गये हैं। अपने चुनिंदा पूंजीपति साथियों को लाभ दिलाने के लिये भाजपा सरकार ने देश के करोडों लोगों को बैंकों की लाइन में खडा कर दिया। नोटबंदी के बीच करीब 1०० लोग मौत का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी वास्तव में राष्ट्रीय त्रासदी साबित हुई है। नोटबंदी के कारण कई छोटे और मझोले उद्योग धंधे बंद हो गये, जिसके कारण लाखों लोग बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर हुए। जीएसटी के कारण कई व्यापारिक घरानों को मुश्किलों का सामना करना पडा हालांकि नयी कर प्रणाली का प्रतिकूल असर राजस्व संग्रह पर पडा। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि 2०14 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने और गरीबों के खातों में 15-15 लाख रूपये जमा करने का वादा हवा हवाई साबित हुआ। इसके उलट डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढती कीमतों से मध्यम और निम्न वर्ग महंगाई की मार झेल रहा है। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी भाजपा सरकार बुरी तरह विफल साबित हुई है। महिला सुरक्षा के नाम पर एंटी रोमियो दस्ते का अस्तित्व मिट चुका है। महिलाओं पर अत्याचार और यौनाचार की घटनाओं की बाढ आ चुकी है। गौ रक्षा के नाम पर भाजपा शासित राज्यों में माब लांचिग यानी भीड़ तंत्र लोकतंत्र को कंलकित कर रहा है और सरकार हाथ में हाथ धरे बैठी है। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीडऩ की घटनाओं में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है, जबकि न्यायालयों में दलितों की पैरवी करने वाले वकीलों, पत्रकारों और गैर सरकारी संगठनों कर उत्पीडन किया जा रहा है। उन्हें झूठे मामलो में फंसाया जा रहा है। यह सरकार गरीबों और मजलूमो का गला काट कर पूंजीपतियों का भला करने में लगी है, जिसे देश की जनता बर्दाश्त नही करेगी और आने वाले चुनाव में इसका मुंहतोड जवाब देगी।

Share it
Top