जेएनयू छात्र संघ चुनाव में वामदलों का कब्जा बरकरार, एन साईंं बालाजी बने अध्यक्ष

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में वामदलों का कब्जा बरकरार, एन साईंं बालाजी बने अध्यक्ष


नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) चुनाव के रविवार को घोषित परिणाम में एक बार फिर से वामदलों के गठबंधन ने अध्यक्ष सहित चारों सीटों पर जीत दर्ज की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) दूसरे स्थान पर रही। जेएनयू छात्र संघ के चारों अहम पदों के लिए शुक्रवार को छात्रों ने रिकॉर्ड मतदान किया था। परिणाम घोषित होने पर छात्रों ने एक-दूसरे को लाल रंग लगाकर खुशी मनाई।

वामदलों के चार छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा), भारतीय छात्र संघ (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने पहली बार संयुक्त रूप से अध्यक्ष सहित चारों पदों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे।

चुनाव समिति के अनुसार जेएनयूएसयू के लिए डाले गए कुल 5170 वोटों की गिनती के बाद अध्यक्ष पद पर वाम दलों के संयुक्त प्रत्याशी एन साईं बालाजी ने 1179 वोटों से जीत दर्ज की। बालाजी को कुल 2161 वोट मिले। दूसरे स्थान पर रहे एबीवीपी के प्रत्याशी ललित पांडे को 982 वोट मिले। बिरसा-आंबेडकर-फूले स्टूडेंट एसोसिएशन (बापसा) तीसरे स्थान पर रहा। उसके उम्मीदवार थल्लापल्ली प्रवीण को 675 वोट मिले। पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार के साथी रहे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के छात्र संगठन प्रत्याशी जयंत 'जिज्ञासु' 540 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के विकास यादव को 402, साईब बिलावल (इंडिपेंडेंट)-125, निधि मिश्रा (सवर्ण छात्र मोर्चा)-59, जाह्नु कुमार हीर -(इंडिपेंडेंट)- 32 और नोटा-128 इसके अलावा 21 ब्लैंक वोट रहे और 45 को अवैध करार दिया गया।

उपाध्यक्ष पद पर वाम गठबंधन की सारिका चौधरी ने 1579 वोटों से जीत हासिल की। सारिका को कुल 2692 वोट मिले। दूसरे स्थान पर रही एबीवीपी की गीता श्री बरुआ को 1012 वोट मिले। पूर्णचंद्रा नाईक (बापसा)-644, लिजी के बाबू (एनएसयूआई)- 457 और नोटा-288, ब्लैंक 45 और अवैध 32 वोट रहे।

महासचिव पद पर वाम गठबंधन के प्रत्याशी एजाज अहमद राथेर ने 1193 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 2423 वोट मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे एबीवीपी के गणेश गुर्जर को 1123 वोट मिले। विश्वभर नाथ प्रजापति (बापसा)-827, मो. मोफिजुल आलम (एनएसयूआई)-328, नोटा-388, 49 ब्लैंक और 32 अवैध वोट पड़े।

संयुक्त सचिव पद पर वाम गठबंधन के अमुथा जयदीप ने 757 वोटों से जीत गए। उन्हें जहां कुल 2047 वोट मिले वहीं दूसरे स्थान पर रहे एबीवीपी के वेंकट चौबे को 1247 वोट मिले। नुरेंग रीना(एनएसयूआई)-772, कनकलता यादव (बापसा)-689, नोटा-344 , ब्लैंक 47 और 24 अवैध वोट रहे।

इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ और इसमें नोटा का इस्तेमाल पिछले साल के मुकाबले कम हुआ। पिछले साल जहां 1512 छात्रों ने नोटा का बटन दबाया था वहीं इस बार 1148 छात्रों ने इस विकल्प का इस्तेमाल किया। एसआईएस में 5 काउंसिलर, एसएलएल एंड सीएस में 5, एसएसएस में 5, स्कूल ऑफ एनवायरमेंट साइंस में 3, स्कूल ऑफ लाइफ साइंस में 3, स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड ऐसथेटिक्स में एक, स्कूल ऑफ फिजिकल साइंस में एक, स्कूल ऑफ बायोटेक्नॉलोजी में एक, स्कूल ऑफ संस्कृति एंड इंडिक स्टडीस में एक, स्कूल ऑफ कंप्यूटनेश्नल एंड इंटीग्रेटिव साइंस में एक, स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम साइंस में 3 काउंसिलर चुने गए हैं।

एसआईएस काउंसिलर पद पर आयशे घोष (424), काराबी काकती (329), शृजन भास्वा महंत (278), श्यामकुमार वी (273), विष्णु प्रसाद के (274)। एसएलएल एंड सीएस काउंसिलर पद पर आशिफ इदरीस (724), पी.आर. नितिन द्रविड़ (655), शिवानी कुमारी (644), स्वाति सिंह (804), उमेर अदनान (694)।

एसएसएस काउंसिलर पद पर दीप्ति मेरी मिंज (641), कीर्ति रॉय (705), साकेत मून (733), श्रीहर्ष (638), उमेश कुमार यादव (632)। स्कूल ऑफ एनवायरमेंट साइंस काउंसिलर पद पर अंबुज मिश्रा (76), विकास कुमार (77) और यतेंद्र प्रताप सिंह (90) । स्कूल ऑफ लाइफ साइंस काउंसिलर पद पर अखिलेश प्रताप सिंह (110), कैलाश प्रसाद प्रजापति (90) और सुरभि रावत (80)। स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड ऐसथेटिक्स में काउंसिलर संजय कुमार (74)। स्कूल ऑफ फिजिकल साइंस में काउंसिलर प्रदिप्त देबनाथ (53)। स्कूल ऑफ बायोटेक्नॉलोजी में काउंसिलर श्रृया पंडित निर्विरोध निर्वाचित। स्कूल ऑफ संस्कृति एंड इंडिक स्टडीस में भी ललित कुमार निर्विरोध निर्वाचित। स्कूल ऑफ कंप्यूटनेश्नल एंड इंटीग्रेटिव साइंस में राम नयन वर्मा (34), स्कूल ऑफ कंप्यूटर एंड सिस्टम साइंस में सुदीप्त मल्लिक (83), स्वदेश कुमार मौर्य (112) और यजुवेंद्र प्रताप सिंह (113) काउंसिलर के पद पर विजयी हुए हैं।

उपाध्यक्ष पर जीत दर्ज करने वाली वाम गठबंधन की प्रत्याशी सारिका ने कहा कि यह केवल हमारी जीत नहीं है बल्कि पूरे जेएनयू की जीत है। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल बहाल किया जाना बताया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कुलपति ने जेएनयू को बर्बाद कर दिया है। हम पहले इसी पर काम करेंगे।

जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने कहा कि जेएनयू के सभी छात्र कार्यकर्ताओं को बधाई, जिन्होंने प्रशासनिक दमन और एबीवीपी की उत्तेजना के खिलाफ कड़ी मेहनत की और अद्भुत धैर्य के साथ काम किया। एनएसयूआई को एक काउंसिलर पद पर जीत मिली। उन्होंने कहा कि यह विजय नजीब अहमद के लिए है, जिनकी मां उनकी प्रतीक्षा कर रही है।


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