मोदी के गोद लिये गांव डोमरी में योगी ने लगाई चौपाल,बच्चों का दुलारा

मोदी के गोद लिये गांव डोमरी में योगी ने लगाई चौपाल,बच्चों का दुलारा



वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गोद लिए गांव (सांसद आदर्श गांव) डोमरी पहुंचे। गांव में मुख्यमंत्री के पहुंचते ही ग्रामीणों ने हर-हर महादेव के परम्परागत उद्घोष से उनका स्वागत किया। ग्रामीणों के स्वागत से आह्लादित मुख्यमंत्री ने गांव में घूम कर प्राथमिक पाठशाला,स्वास्थ्य केन्द्र,पुस्तकालय का जायजा लेने के बाद महिलाओं,बच्चों ग्रामीणों से बातचीत की। बच्चों से बातचीत में एक मासूम बच्चे को दुलार मुख्यमंत्री ने पूछा 'स्कूल जाते हैं या नहीं, ड्रेस मिली, कॉपी किताब मिली कि नहीं।

इसके बाद योगी ने गांव में बने भव्य पंडाल में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केन्द्र और राज्य सरकार के चल रहे जन​कल्याण कारी योजनाओं को बताकर डोमरी के विकास का भरोसा दिया। कहा कि गांवों के विकास के लिए प्रधानमंत्री भी लगातार पैसा दे रहे हैं, लेकिन आपको भी इसमें सहयोग देना पड़ेगा। गांव में आप किसी को गंदगी न करने दें, गांव का सम्मान बड़े भाव से होना चाहिए। अफसरों को निदेश देकर कहा कि जिला प्रशासन अलग-अलग योजनाओं का यहां कैंप लगाएं और प्रत्येक नागरिक को योजनाओं का लाभ मिले। गांव में दो महीने बाद दोबारा यहां आऊंगा।

मुख्यमंत्री ने बताया डोमरी गांव में आठ एकड़ भूमि आवंटित है। पांच करोड़ से गांव में हेलीपैड बनेगा। पर्यटन के लिए डोमरी गांव हवाई सेवा से जुड़ेगा। उन्होंने कहा दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन तत्काल चिन्हित कर उन्हें युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गांव में महिलाएं स्वालंबन की तरफ बढ़ रही हैं। यहां दरी ,सिलाई कढ़ाई,सिल्क का काम अच्छा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जयापुर की तरह ही समूह बनाकर महिलाएं खुद को स्वावलम्बी बना सकती हैं, स्टैंड अप और स्टार्ट अप योजना के तहत यहां के नौजवानों को लाभांवित करवाया जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर सराहना के बाद कहा उनके चलते गांव विकास की धुरी बने हैं, जहां विकास की कमी रहेगी राज्य और केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी। गांव के विकास के लिए पैसा दिया जा रहा हैं।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गोद लिये गांव डोमरी में जब मुख्यमंत्री लौट रहे थे। उसी दौरान गांव की एक महिला तमाम सुरक्षा व्यवस्था को धता बता कर उनके पास पहुंच गई। महिला ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी फरियाद की आवेदन लहराई तो योगी ने कार का दरवाज़ा खोलकर शिकायत पत्र लेकर उसकी समस्या सुनी। जाते समय मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा में लगे जवानों अफसरों को इसके लिए जमकर फटकारा।

देर रात घूमकर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर आये मुख्यमंत्री ने पहले दिन शनिवार की शाम समीक्षा बैठक के बाद देर रात तीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों की हकीकत जानी। आते जाते समय बारिश के चलते जगह-जगह गड्ढे और हिचकोले खाते जब वे पहुंचे तो उन्होंने मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को फटकारा। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री सबसे पहले लमही ऐढ़े गांव पहुंचे। यहां वाराणसी-सुल्तानपुर सड़क निर्माण कार्य में धीमी प्रगति देख राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। रिंग रोड के किनारे जमीन के नोटिफिकेशन करने की बात अधिकारियों से कही।

उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। इस कार्य को पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक की समयसीमा तय की। यहां से मुख्यमंत्री सारनाथ गोइठहां एसटीपी पर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहना और सीधे ऊपरी मंजिल पर पहुंचे। वहां अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद एसटीपी को 30 सितम्बर तक पूरा करने का निर्देश दिया। यहां से योगी आदित्यनाथ सारनाथ संग्रहालय भवन पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फसाड लाइट में रोशन म्यूजियम को देखा। थोड़ी देर कैंपस में रुके और अधिकारियों से मंत्रणा की। साथ ही लाइटिंग और कैंपस को और बेहतर बनाने का सुझाव दिया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि काशी की प्राचीन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान के अनुरुप विकास कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया काशी के विकास के लिए किये गए एमओयू के अनुरुप कार्य किये जा रहे हैं। नमामि गंगे परियोजना के तहत 118 करोड़ रुपये की लागत से गोइठहां में बनाया जा रहा 120 एमएलडी क्षमता का सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट 30 सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। यह परियोजना स्वच्छ गंगा अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है तथा इसके चालू होने के बाद गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने में काफी मदद मिलेगी।

Share it
Top