एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों को चुनौती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अटार्नी जनरल को जारी किया नोटिस

एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों को चुनौती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अटार्नी जनरल को जारी किया नोटिस

एससी-एसटी एक्ट की धारा 14 ए(2) एवं धारा 14 ए (3) के परंतुक (स्पष्टीकरण) दो की संवैधानिकता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए भारत के अटार्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। उनको 30 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर सरकार का पक्ष रखने के लिए कहा है।

याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पूर्ण पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका अधिवक्ता विष्णु बिहारी तिवारी ने दाखिल की है। कोर्ट ने याची से कहा कि वह नोटिस हाईकोर्ट में अपर सॉलिसिटर जनरल कार्यालय और सीधे अटार्नी जनरल ऑफ इंडिया को नई दिल्ली भेजें। कोर्ट ने इस याचिका को इसी मुद्दे को लेकर विचाराधीन जनहित याचिका से संबद्ध करने का भी आदेश दिया है।

याची का कहना है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत जमानत अर्जी स्वीकार या अस्वीकार करने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने का कानून संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 सहित अधिनियम के उद्देश्यों के विपरीत है और 180 दिन के बाद जमानत आदेश के खिलाफ अपील नहीं सुनी जाएगी, ऐसा कानून भी संवैधानिक नहीं है। याचिका में धारा 14 ए (2) तथा (3) के परंतुक दो को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।

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