मृदुभाषी और मिलनसार राजनेता थे गुरुदास कामत...

मृदुभाषी और मिलनसार राजनेता थे गुरुदास कामत...


मुंबई। कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री गुरुदास कामत का दिल्ली में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 63 वर्ष के थे। कामत की तबियत बुधवार की सुबह हार्ट अटैक की वजह से बिगड़ गई थी, जिससे उन्हें तत्काल चाणक्यपुरी स्थित प्रायमास अस्पताल में भर्ती करवाया गया,लेकिन अस्पताल में ही उनका निधन हो गया। कामत के निधन से कांग्रेस पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। वह मृदुभाषी और मिलनसार राजनेता थे|

गुरुदास कामत का जन्म कर्नाटक में स्थित अंकोला में 5 अक्टूबर 1954 को हुआ था लेकिन वह मुंबई के कुर्ला में अपने पिता वसंत आनंदराव कामत के साथ रहते थे। उनके पिताजी प्रीमियर कंपनी में काम करते थे। इस प्रकार घर में कोई राजनीतिक विरासत न होते हुए भी कामत 1970 से ही विद्यार्थी नेता के रुप में वह सक्रिय थे| उन्हें 1980 में महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस के महासचिव पद पर नियुक्त किया गया। 1984 में उन्हें महाराष्ट्र युवक कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था। उनकी सक्रियता व गतिशीलता को देखते हुए 1984 में कांग्रेस पार्टी ने कामत को युवक कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया था।

कामत ईशान्य मुंबई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 4 बार सांसद चुने गए थे। उनकी संगठन क्षमता को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने 2003 में मुंबई कांग्रेस की बागडोर उन्हें सौपी थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया और तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की ऐतिहासिक सभा का आयोजन शिवाजी पार्क मैदान पर किया था। गुरुदास कामत गांधी परिवार के निकटतम नेताओं में रहे, लेकिन 2017 में पार्टी में चल रहे अंतर्गत विवाद की वजह से उन्होंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। उस समय वह अखिल भारतीय कांग्रेस के सदस्य थे और उन्हें गुजरात, राजस्थान, दादर तथा नगर हवेली, दमन दीव राज्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। 2009 से 2011 तक कामत को केंद्रीय मंत्रिमंडल में गृह राज्यमंत्री बनाया गया था। साथ ही उन्होंने सूचना प्रसारण विभाग के राज्यमंत्री का पदभार भी कुछ समय के लिए संभाला था। स्वभाव से सरल गुरुदास कामत हर किसी के लिए सदैव उपलब्ध रहते थे और किसी भी अप्रिय सवाल पर भी उत्तेजित न होना उनकी खासियत थी।


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