मराठा आरक्षण की आग : एक और युवक ने की आत्महत्या, अब तक सात मरे

मराठा आरक्षण की आग : एक और युवक ने की आत्महत्या, अब तक सात मरे


मुंबई। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी महाराष्ट्र में मराठों का आरक्षण आन्दोलन थमता नहीं दिखता| इसी कड़ी में अब बीड में मंगलवार की सुबह अभिजीत बालासाहेब देशमुख ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर राज्य में यह सातवीं आत्महत्या है। उधर, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समाज हिंसक हो गया है।

तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं आम हो गई हैं। मंगलवार 31 जुलाई की सुबह बीड जिले में अभिजीत बालासाहेब देशमुख ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने के पहले देशमुख ने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने उल्लेख किया था कि मराठा आरक्षण, बैंक कर्ज और दवाइयों (औषधि) का खर्च न उठा पाने वाले आत्महत्या कर रहे हैं। पुलिस निरीक्षक शिरीष हुंबे ने कहा है कि मामले को दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है| पता किया जा रहा है कि यह पत्र देशमुख ने ही लिखा है या किसी और ने लिखा है। विज्ञान से स्नात्कोत्तर की डिग्री लेने वाला देशमुख बेरोजगार था| वह बीमार चल रहा था। उसके परिवार पर बैंक का कर्ज भी था। आरक्षण न होने से नौकरी नहीं मिली और व्यवसाय करने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे| बैंक उसे कर्ज भी नहीं दे रहे थे।


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