प्रदेश में अब मनचलों की खैर नहीं, लगेगा गुंडा एक्ट...एन्टी रोमियो स्क्वायड को और प्रभावशाली बनाने के निर्देश

प्रदेश में अब मनचलों की  खैर नहीं, लगेगा गुंडा एक्ट...एन्टी रोमियो स्क्वायड को और प्रभावशाली बनाने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एन्टी रोमियो स्क्वाड को और प्रभावशाली करने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया कि श्री सिंह के पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में एन्टी रोमियो स्क्वायड द्वारा प्रभावशीलता बढ़ाये जाने के लिए प्रदेश के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक, प्रभारियों को दिशा-निर्देश भेजे हैं। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जिले में सार्वजनिक स्थानों के अलावा स्कूल, कॉलेज, बाजार, मॉल, पार्क, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि पर अवांछनीय एवं आपत्तिजनक गतिविधियां करने वाले व्यक्तियों के विरूद्व कार्रवाई के लिए सादे वस्त्रों में पुलिस कर्मियों, जिनमें महिला पुलिस कर्मी भी सम्मलित हों तैनात किए जाये। उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में स्थित बालिका विद्यालयों एवं कालेजों के प्रधानाचार्य तथा अध्यापकों के सम्पर्क में रहेंगे। इसके लिए समय-समय पर उनके साथ गोष्ठी कर समन्वय स्थापित करते हुए उनसे शोहदों एवं मनचलों के बारे में जानकारी एकत्रित करते हुए उनके विरूद्व कार्रवाई करेंगे। श्री सिंह द्वारा भेजे गये निर्देशों में सर्वप्रथम प्रत्येक स्क्वाड में नियुक्त महिला कर्मी सादे वस्त्रों में तथा प्राइवेट वाहनों से सार्वजनिक स्थलों, स्कूल, कालेज तथा कोचिंग संस्थान के आस-पास तथा मॉल्स, बाजार और ऐसे स्थान, जहॉ पर महिलाओं एवं बालिकाओं का आवागमन ज्यादा होता हो को चिन्हित कर लें, जहां शोहदे और मनचले आपत्तिजनक हरकते करते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के बाहरी छोर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी से दूर स्थित बालिकाओं के विद्यालयों तथा कोचिंग संस्थानों को एण्टी रोमियों स्क्वाड के कार्यक्षेत्र में अवश्य रखा जाये तथा आवश्यकतानुसार टीम के सदस्यों की बदली कर लगाया जाये, ताकि टीम के सदस्यों की पहचान उजागर न हो। प्रत्येक महिला महाविद्यालय एवं बालिका विद्यालय में एक शिकायत पेटिका लगवायी जाये तथा छात्राओं के मध्य प्रचारित-प्रसारित कराया जाये। यदि कोई व्यक्ति उन्हें रास्ते में परेशान करता है, तो इस सम्बन्ध में वे अपनी शिकायत शिकायत पेटिका में डाल सकती है। इस प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधियों में जो लिप्त पाये जायें, उन्हें कड़ी हिदायत देते हुए प्राथमिक रूप से उनकी सुधारात्मक कार्रवाई की जाये। उन्होंने बताया कि सुधारात्मक उपाय विफल होने पर आरोपियों के खिलाफ गुण्डा एक्ट आदि सुसंगत प्राविधानों के तहत ठोस कार्रवाई की जाये।

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