ऐतिहासिक उपलब्धि...अट्ठारह वर्षीया हीमा दास ने किया कमाल

ऐतिहासिक उपलब्धि...अट्ठारह वर्षीया हीमा दास ने किया कमाल

टैम्पेरे (फिनलैंड)। भारतीय धाविका 18 वर्षीय हीमा दास ने यहां चल रहे आईएएएफ विश्व अंडर-2० एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में महिलाओं की 4०० मीटर रेस में स्वर्ण पदक हासिल किया है, जो विश्व मंच पर महिला वर्ग में भारत का पहला ऐतिहासिक ट्रैक स्वर्ण पदक है।
असम की रहने वाली हीमा ने गुरूवार को इतिहास रच दिया और वह विश्व चैंपियनशिप में भारत को एथलेटिक्स स्वर्ण पदक दिलाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गयीं। हीमा ने महिलाओं की 4०० मीटर रेस के फाइनल में 51.46 सेकंड का सर्वश्रेष्ठ समय निकाला और पहले स्थान पर रहीं। इससे पहले पुरूष एथलीट नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पोलैंड 2०16 संस्करण में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। हीमा विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में ट्रैक पर भारत को स्वर्ण दिलाने वाली भी पहली खिलाड़ी बन गयी हैं। विश्व जूनियर चैंपियनशिप में इससे पहले भारत के लिये सीमा पुनिया ने वर्ष 2००2 में डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक और वर्ष 2०14 में नवजीत कौर ढिल्लन ने डिस्कस में ही कांस्य पदक के रूप में भारत के लिये पदक जीते थे, लेकिन 18 वर्षीय हीमा ने ट्रैक स्वर्ण के साथ महिला एथलेटिक्स में भारत के लिये स्वर्ण का सूखा भी समाप्त कर दिया है। महिलाओं की 4०० मीटर फाइनल रेस में रोमानिया की आंद्रिया मिकलोस ने 52.०7 सेकंड का समय लेकर रजत पदक और अमेरिका की टाइलर मानसन ने 52.28 सेकंड कस समय लेकर कांस्य पदक जीता। भारतीय युवा धाविका ने शुरूआत से ही टूर्नामेंट में खुद को पदक का दावेदार दिखाया और शुरूआती राउंड में चौथी हीट में 52.25 सेकंड का सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर हीट की विजेता रहीं। उन्होंने सेमीफाइनल में 52.1० सेकंड का समय लिया और इस वर्ग में भी शीर्ष पर रहीं। रेस में अन्य भारतीय धाविका जिस्ना मैथ्यू ने शुरूआत में अच्छा प्रदर्शन किया और पांचवीं हीट में 54.32 सेकंड का समय लेकर विजयी रहीं। लेकिन केरल की जिस्ना सेमीफाइनल में पिछड़कर बाहर हो गयीं जहां वह 53.86 सेकंड का समय लेकर पांचवें नंबर पर रहीं। असम के नागोन जिले स्थित ढींग गांव के धान किसान की बेटी हीमा को उनके पिछले प्रदर्शन की बदौलत अंडर-2० चैंपियनशिप में पहले ही भारत के लिये पदक दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। हीमा ने इस वर्ष अप्रैल में हुये गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 4०० मीटर फाइनल रेस में 51.32 सेकंड का समय लेकर छठा स्थान हासिल किया था। युवा धाविका ने इसके बाद लगातार अपने समय में सुधार किया और अंडर-2० में 4०० मीटर रेस में अपने रिकार्ड को 51.13 सेकंड तक सुधार किया, जबकि गुवाहाटी में हुई अंतर राज्य राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता। हीमा ने अपनी स्वर्णिम कामयाबी और सभी आयु वर्गों में विश्व चैंपियनशिप का देश को पहला ट्रैक स्वर्ण दिलाने के बाद कहा कि उन्हें अपनी कामयाबी पर बहुत गर्व है और वह आगे भी देश के लिये पदक जीतने का सपना पूरा करती रहेंगी। उन्होंने कहाÞ देश के लिये पदक जीतने से बड़ी और कोई उपलब्धि नहीं हो सकती है। मैं अपने इस पदक को भारत को समर्पित करना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्र ध्वज को ऊंचा देखकर भावुक हो गयी। मैं इस कामयाबी के लिये अपने कोच और परिजनों को धन्यवाद करना चाहती हूं। मेरा लक्ष्य अब एशियन गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।

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