जनता दरबार में शिक्षिका की सीएम से नोंकझोंक... नाराज शिक्षिका को सीएम के साथ अभद्रता करते देख सभी रह गये दंग

जनता दरबार में शिक्षिका की सीएम से नोंकझोंक... नाराज शिक्षिका को सीएम के साथ अभद्रता करते देख सभी रह गये दंग

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की ओर से बनाई गई स्थानांतरण नीति के प्रतिकूल कार्य किये जाने से नाराज एक शिक्षिका मुख्यमंत्री आवास में गुरुवार को आयोजित जनता दरबार में बिफर गई।
इस घटना से नाराज मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पीडि़ता को निलंबित करने के साथ हिरासत में लेने के आदेश दिए हैं। जनता दरबार में करीब 1०० शिकायतों पर सुनवाई की गई। श्री त्रिवेन्द्र रावत ने आज मुख्यमंत्री आवास के जनता मिलन हॉल में आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को सुना तथा सम्बन्धित अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। जन-सुनवाई कार्यक्रम में लगभग 1०० से अधिक मामले दर्ज किए गए। इनमें लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, परिवहन, ग्राम विकास, स्वास्थ्य, राजस्व, ऊर्जा, नगर निगम, पुलिस आदि विभागों से संबंधित थे। राजकीय सेवा के अनेक कार्मिकों द्वारा दुर्गम से सुगम में स्थानान्तरण के मामले लाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानान्तरण सम्बन्धित अनुरोध जनसमस्याओं की सुनवाई के दौरान बिल्कुल न लाए जाएं। राज्य में ट्रांसफर एक्ट लागू होने से राजकीय सेवाओं के सभी स्थानान्तरण नियामानुसार किए जाएंगे। स्थानांतरण के लिए जनता मिलन कार्यक्रम उचित फोरम नहीं है। कार्यक्रम के दौरान अपने तबादले के लिए आई उत्तरकाशी की एक प्राथमिक शिक्षिका ने अभद्रता दिखाई और अपशब्दों का प्रयोग किया। शिक्षिका से अपनी बात मर्यादित ढंग से रखने का अनुरोध किए जाने पर भी जब शिक्षिका ने लगातार अभद्रता का परिचय दिया तो उक्त शिक्षिका को निलम्बित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसाधारण की वाजिब शिकायतों को दूर करने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। लोगों की समस्याओं का
उनके गांव, ब्लॉक व जिला स्तर पर समाधान हो सके इसके लिए जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी स्तर पर भी नियमित रूप से शिकायत निवारण शिविर लगाए जाते हैं।
जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान हल्द्वानी निवासी श्री खुशीराम ने बताया कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है तथा उनको असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान किया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक नैनीताल को तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए। श्री वाचस्पति बहुखण्डी ने देहरादून से बैजरो वाया ऋषिकेश-सतपुली रूट पर रोडवेज बस सेवा हेतु अनुरोध किया गया। जिस पर श्री त्रिवेन्द्र रावत ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अध्यक्ष टिहरी मूल विस्थापित संगठन द्वारा टिहरी बांध विस्थापितों को नि:शुल्क पानी व बिजली आपूर्ति, खाता-खतौनी की लागत कम करने की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री ने सकारात्मक सहयोग की बात कही गई। देहरादून की रहने वाली सुश्री मिलि कौर जो कि असहाय घायल जानवरों के उपचार के लिए काम करती हैं, ने एक पशु अस्पताल के लिए भूमि की मांग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने घायल पशुओं की सेवा-उपचार हेतु सुश्री मिलि कौर की प्रशंसा करते हुए उन्हें उचित सहयोग का आश्वासन दिया। देहरादून के श्री हुकुम सिंह द्वारा देहरादून कोषागार में अपनी लम्बित पेंशन की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही जिलाधिकारी देहरादून को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। अध्यक्ष बार एसोसिएशन टिहरी द्वारा टिहरी में डम्ंिपग जोन तथा वाहन पार्किंग की समस्याओं से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। श्रीमती करुणा अग्रवाल ने बताया गया कि रायपुर स्थित उनके आवास में बरसात के मौसम में पुस्ता न बनने के कारण बारिश का पानी घर में घुस जाता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के लिए कहा। देहरादून जिले की श्रीमती राजेश्वरी देवी ने बताया कि उनकी जमीन गिरी गांव में है। वर्तमान में वह राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत आ रही है। परंतु इसका मुआवजा किसी अन्य व्यक्ति को दिया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री अमर शेखर की ओर से ऊर्जा निगम में चयन के बाद भी अभी तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी न होने की बात कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने मामले का परीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई किए जाने के प्रति आश्वस्त किया। काशीपुर में एक व्यक्ति द्वारा किसी महिला के पैसे हड़प किए जाने की शिकायत पर एसएसपी ऊधमसिंहनगर को जांच करने के निर्देश दिए गए। शिक्षिका और मुख्यमंत्री की नोंकझोंक के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, जिलाधिकारी देहरादून एस.ए. मुरूगेशन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Share it
Top