परिवारवादी राजनीति का अंत: मोदी...कहा- अब परिश्रमवादी राजनीति का हो रहा है तेजी के साथ उदय

परिवारवादी राजनीति का अंत: मोदी...कहा- अब परिश्रमवादी राजनीति का हो रहा है तेजी के साथ उदय

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि देश से परिवारवादी राजनीति का अंत हो रहा है और परिश्रमवादी राजनीति लोगों का मन जीत रही है, जिसका ध्येय 'राष्ट्र प्रथम' और लोगों की सेवा है।
श्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के सात मोर्चों की संयुक्त राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए भाजपा के उद्देश्यों से सामने रखा और कहा कि भाजपा का लक्ष्य लोगों की सेवा करना है। उसके लिए राष्ट्र सर्वप्रथम है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र से परिवारवादी राजनीति का अंत हो रहा है और परिश्रमवादी राजनीति को लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा परिश्रम देश को प्रथम बनाने और लोगों की सेवा के लिए है। उन्होंने मोर्चों को रचनात्मक कार्यों के माध्यम से लोगों से जुडऩे की नसीहत दी। उन्होंने महात्मा गांधी 15०वीं जयंती और अन्य महापुरुषों की जयंतियों को मनाने और लोगों के बीच भाजपा का आधार बढ़ाने का आह्वान किया। दिल्ली नगर निगम भवन सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी सभागार में दिन भर चली इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव ने कहा कि बैठक के उद्घाटन सत्र में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मोर्चा कार्यकर्ताओं को एक वर्ष में उन 22 करोड़ गरीबों के परिवारों से संपर्क करने का लक्ष्य दिया, जिन्हें केन्द्र
सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ मिला है। इसके लिए एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करने और मंडल एवं बूथ स्तर पर नमो एप से यह संपर्क अभियान करने को कहा। श्री यादव ने कहा कि हर मोर्चे को उसके वर्ग के लोगों को सभी स्तर पर विशेष रूप से पार्टी से जोडऩे का काम दिया गया है। श्री शाह ने कहा कि आज 21 राज्यों में भाजपा की सरकार है। उन्होंने मोदी सरकार के चार साल की उपलब्धियां भी गिनाते हुए कहा कि 22 करोड़ गरीबों एवं उनके परिवारों के जीवन में कोई न कोई बदलाव आया है। भाजपा का लक्ष्य केवल सरकार बनाना नहीं है बल्कि भारत को दुनिया में सम्मानित राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित कराना है और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आम जनजीवन में परिवर्तन लाना है। सूत्रों के अनुसार मोर्चों की कार्यसमिति की बैठक सुबह 1० बजे से शाम करीब सवा छह बजे तक चली। इसमें श्री शाह एवं संगठन महासचिव रामलाल के अलावा भाजपा के अनूसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष विनोद सोनकर, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष रामविचार नेताम, महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया राहटकर, युवा मोर्चा की अध्यक्ष पूनम महाजन, किसान मोर्चा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह मस्त, अल्पसंख्यक मोर्चा के अब्दुल रशीद अंसारी तथा अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रमुख दारा सिंह चौहान मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार यह अपने तरह की पहली बैठक थी जिसका मकसद अगले लोकसभा चुनाव के संदर्भ में पार्टी के संगठनात्मक तंत्र को मजबूत करके उसे गति प्रदान करने के अलावा अगले लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को बल देना और संबंधित वर्गों में पार्टी का संदेश पहुंचाने की रणनीति तय पर विचार करना था। बैठक में मोर्चाें के 7०० से 8०० पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले श्री शाह ने 14 मई को पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। भाजपा अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं से 2०19 आम चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया था।

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