कमलेश तिवारी हत्याकांड - गुजरात एटीएस ने दोनो हत्यारों को भी राजस्थान सीमा के पास से पकड़ा

अहमदाबादगुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की सनसनीखेज हत्या के मामले को तेजी से सुलझाने और इसके तीन साजिशकर्ताओं को पकड़ने के बाद अब दोनो हत्यारों को आज राजस्थान-गुजरात सीमा पर शामलाजी के निकट से पकड़ लिया।

एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि सूरत के लिंबायत निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटिटव अशफाक जाकिरहुसैन शेख (34) और सूरत के ही उमरवाड़ा निवासी मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान (27), जो पेशे से फूड डिलिवरी ब्वॉय का काम करता था, ने ही इस हत्या को अंजाम दिया था। दोनो को आज गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पकड़ा गया है।18 अक्टूबर को श्री तिवारी की हत्या के बाद दोनो नेपाल फरार हो गये थे। उन पर ढाई ढाई लाख के इनाम भी रखे गये थे। उनके पास पैसे खत्म होने के बाद जब उन्होंने अपने परिजनों और कुछ पहचान वालों से और पैसे के लिए फोन पर सपर्क किया तो उनकी तकनीकी निगरानी शुरू कर दी गयी। दोनो दो दिन पहले नेपाल से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर आये थे और आज राजस्थान सीमा से गुजरात में प्रवेश करने वाले थे। तभी उनको पकड़ा गया। उन्होंने शुरूआती पूछताछ मेें ही हत्या की बात स्वीकार कर ली है। दोनो ने बताया है कि श्री तिवारी की ओर से पैगंबर मोहम्मद के संबंध में कथित टिप्पणियों के चलते इस घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने बताया कि जरूरी कानूनी औपचारिकता पूरी करने के बाद दोनो को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया जायेगा। ज्ञातव्य है कि इस सनसनीखेज हत्या के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए गुजरात एटीएस ने 19 अक्टूबर को ही इसके तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं को सूरत से गिरफ्तार कर लिया था और दोनों हत्यारों को भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया था। वर्ष 2015 में मुस्लिम समुदाय के पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादास्पद टिप्पणी देने के बाद सुर्खियों में आये श्री तिवारी (45) की लखनऊ के खुर्शीदबाग स्थित उनके कार्यालय में बेरहमी से गला रेत कर और गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी।

इस मामले के तीन प्रमुख साजिशकर्ताओं राशिद पठान (30), मौलवी मोहसिन शेख (28) तथा फैजान मेंबर (24), जो तीनों सूरत के लिंबायत इलाके की एक ही सोसायटी के निवासी हैं, को गिरफ्तार कर पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले किया जा चुका है। एटीएस का दावा है कि पांचों ने वर्ष 2015 में ही श्री तिवारी की हत्या की योजना बनायी थी पर तब ऐसा नहीं हो सका। राशिद बाद में दुबई चला गया और दो साल रह कर लौटा। इन लोगों ने हाल में फिर से यह योजना बनायी और दोनों हत्यारे गत 16 अक्टूबर को सूरत से लखनऊ रवाना हुए थे। श्री पटेल ने बताया कि मौका-ए-वारदात से मिले मिठाई के एक पैकेट हत्यारे सूरत के उधना की एक दुकान से खरीद कर ले गये थे और मृतक तिवारी के फोन से मिले सुराग के आधार पर इस मामले को सुलझाया गया था।

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