राममंदिर पर बयानबाजी नहीं हो: मोदी...पीएम ने नेताओं को दी नसीहत, कहा- देश की न्याय प्रणाली में रखें आस्था

राममंदिर पर बयानबाजी नहीं हो: मोदी...पीएम ने नेताओं को दी नसीहत, कहा- देश की न्याय प्रणाली में रखें आस्था

नासिक। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राममंदिर के निर्माण को लेकर बयानबाजी करने वाले नेताओं को आज नसीहत दी कि वे देश की न्याय प्रणाली में आस्था रखें।

श्री मोदी ने यहां महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस के महाजनादेश यात्रा के समापन अवसर पर एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'दो-तीन सप्ताह से कुछ बयान बहादुर और बड़बोले लोग अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं राममंदिर को लेकर।' उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिकों के मन में भारत के उच्चतम न्यायालय के प्रति सम्मान की भावना है। राममंदिर के मामले पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई चल रही है और सभी पक्ष अपनी-अपनी दलीलें सामने रख रहे हैं। उच्चतम न्यायालय समय निकाल कर सुन रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं हैरान हूं कि वे आखिर क्यों बयानबाजी कर रहे हैं। क्यों अड़ंगे लगा रहे हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारा देश हमारी न्यायपालिका में, बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान में और उच्चतम न्यायालय का आदर करता है। मैं इन बयान बहादुर बड़बोले लोगों से हाथ जोड़ कर निवेदन करता हूं कि वे भगवान की खातिर, प्रभु राम की खातिर भारत की न्याय प्रणाली में भरोसा रखें।' श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसान सम्मान निधि के मद में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि किसानों के खाते में डलवाये हैं, जिनमें 1500 करोड़ रुपए महाराष्ट्र के किसानों के घरों में गये हैं। उन्होंने कहा कि नयी सरकार बनने पर देश में हर गांव हर कस्बे में हर घर में नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने का वादा किया गया है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के बारे में श्री मोदी ने कहा कि अब नये कश्मीर का निर्माण करना है। कश्मीर की रक्त रंजित धरती को फिर से स्वर्ग बनाना है। कश्मीरियों के दुख पर मरहम लगाना है और उन्हें मुसीबतों से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों की आड़ में जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता अराजकता फैलाने और हिंसा भड़काने का प्रयास हो रहा है लेकिन राज्य के युवा एवं माता बहनें हिंसा से बाहर आने के लिए कटिबद्ध हैं। वे विकास एवं रोजगार चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास का नया युग शुरू हुआ है। राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है और हर कश्मीरी को गले लगाना है। उन्होंने कांग्रेस एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के बयान देश के दुश्मनों के हथियार बन रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री मोदी ने कहा कि श्री शरद पवार को अगर पड़ोसी देश अच्छा लगता है तो यह उनकी पसंद है। उसके शासक कल्याणकारी लगते हैं तो यह उनकी ²ष्टि है लेकिन पूरा भारत जानता है कि आतंक की फैक्टरी कहां हैं और जुल्म एवं शोषण का प्रसार कहां से होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को जिताना हमारा दायित्व होता है लेकिन राकांपा एवं कांग्रेस के नेता ऐसा नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देश की सेना को सशक्त बनाने और अपने सैनिकों के सशक्तीकरण के लिए हर संभव कदम उठाने का वादा किया था। हाल में दो महाशक्तिशाली हेलीकाप्टर देश की सैन्य शक्ति का हिस्सा बन चुके हैं, बहुत जल्दी ही राफेल फाइटर जेट भी वायुसेना को सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि विश्व के 100 देशों को आज देश में बनी बुलेट प्रूफ जैकेट निर्यात की जा रही हैं। भाजपा सरकार का मतलब ही है देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता और हमारे लिए देश से बड़ा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा के चुनाव हुए तो 60 साल के बाद पहली बार एक सरकार दोबारा चुनकर आई और पहले से ज्यादा बहुमत के साथ आई। श्री मोदी ने कहा कि जनता जब ताकत देती है तो सरकार कैसे काम करती है, हमारी सरकार के पहले 100 दिन का कार्यकाल इसका उदाहरण है। केंद्र में नयी सरकार को बने 100 दिन पूरे हो चुके हैं और इस सरकार का पहला शतक आपके सामने हैं। इस शतक में धार भी है, रफ्तार भी है और आने वाले पांच वर्षों की साफ सुथरी तस्वीर भी है। पहले शतक में देश, समाज और दुनिया में नये भारत के नए ²ष्टिकोण की झलक है। कठिन चुनौतियों से टक्कर की ललक भी है, विकास का जोश भी है और देश की वैश्विक ताकत का संदेश भी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के पांच साल के कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि पांच साल पहले आपने जो जिम्मेदारी दी थी, उन्हें दी थी उन्होंने उसका रिपोर्ट कार्ड सामने रखा है। बीते पांच साल के दौरान राज्य को स्थिरता, विकास और कानून-व्यवस्था का विश्वास मिला। सामाजिक सछ्वाव, सहकार और सरोकार का भाव मिला। श्री फण्नवीस ने इन पांच वर्षों में अखंड और अविरत साधना करके राज्य की सेवा की और महाराष्ट्र को नयी दिशा दी। अब महाराष्ट्र की जिम्मेदारी है कि फिर एक बार उनके नेतृत्व में स्थिर राजनीति का फायदा उठाना चाहिए।

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