उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का बयान...सपा-बसपा के नेता एक हो सकते हैं, कार्यकर्ता नहीं

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का बयान...सपा-बसपा के नेता एक हो सकते हैं, कार्यकर्ता नहीं

देवरिया। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने रविवार को सपा-बसपा के गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिये विपरीत विचारधारा रखने वाले दोनों दलों के नेता एक हो सकते हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं में आपसी समझ बूूझ असंभव है। देवरिया से करीब 6० किमी दूर भाटपाररानी तहसील क्षेत्र के रतसिया में एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में डा. शर्मा ने कहा कि सपा और बसपा गठबंधन के बाद भी लुकाछिपी का खेल खेलेंगे। यह गठबंधन राजनैतिक लाभ के लिये किया गया है। भाजपा के खिलाफ अगर कांग्रेस का प्रत्याशी होता है तो सपा, बसपा भाजपा के वोट काटने वाला प्रत्याशी खड़ा करते हैं। ये छुप-छुप कर खेल खेलते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गरीबों, किसानों और नौजवानों के लिये कार्य कर रही है। किसानों के ऋण को माफ किया जा रहा है। गरीबों को छत और गांव-गांव में हर घरों में शौचालयों को बनवाया गया है। हर घरों में नि:शुल्क घरेलू रसोई गैस तथा गांव-गांव में बिजली का कनेक्शन देकर केन्द्र सरकार ने गरीबों तथा देश के विकास के लिये कटिबद्धता जतायी है। डा. शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार की विकास नीति तथा गरीबों और किसानों की दीन दशा सुधरते देख सपा और बसपा में घबराहट देखी जा रही है। इसी का नतीजा है कि कभी एक दूसरे को गाली देने वाले सपा और बसपा राजनीतिक रोटी सेकने के लिये एक हुये हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि एक दूसरे को गाली देने और कभी अपने अपने शासन काल में एक दूसरे के कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कराने वाले सपा और बसपा के नेता तो एक हो सकते हैं लेकिन उनके कार्यकर्ता और समर्थक कभी भी एक नहीं हो सकते। अब इन कार्यकर्ताओं को पता चल गया है कि उनका भी नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। [रॉयल बुलेटिन अब आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध, ROYALBULLETIN पर क्लिक करें और डाउनलोड करे मोबाइल एप]

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