मायावती ने महागठबंधन की नींव तोड़ी...पैट्रोल-डीजल की कीमतों में बढोत्तरी के लिये कांग्रेस को भी दोषी ठहराया

मायावती ने महागठबंधन की नींव तोड़ी...पैट्रोल-डीजल की कीमतों में बढोत्तरी के लिये कांग्रेस को भी दोषी ठहराया

लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में महागठबंधन काफी चर्चाओं में रहा है, जिसमें सपा, बसपा और कांग्रेस समेत कई दलों के शामिल होने की चर्चाएं चल रही थी, लेकिन बसपा प्रमुख सुश्री मायावती ने आज भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में महागठबंधन को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। पैट्रोल और डीजल की कीमतों में बढोत्तरी के लिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ कांग्रेस को भी कसूरवार ठहराते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मायावती ने मंगलवार को कहा कि पैट्रोलियम पदार्थो की कीमतों को नियंत्रित करने में असफल केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को जनता अगले साल लोकसभा चुनाव में सबक सिखायेगी। सुश्री मायावती ने यहां जारी बयान में कहा कि पैट्रोल और डीजल की कीमतों में बढोत्तरी के लिये कांग्रेस और भाजपा दोनों बराबर की जिम्मेदार है। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में पैट्रोल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर गरीब विरोधी नीति की शुरूआत की थी, जबकि भाजपा ने एक कदम और आगे बढाते हुए डीजल को भी सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया, जिसका खामियाजा आज देश की गरीब जनता और किसान को मंहगाई की शक्ल में उठाना पड रहा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि मौजूदा सरकार ने सत्ता संभालते ही पैट्रोल की $कीमत की तरह ही डी•ाल को भी सरकारी नियन्त्रण से मुक्त कर दिया था और $गरीब, म•ादूर और किसान-विरोधी फैसले को बड़े आर्थिक सुधार के रुप में देश दुनिया के सामने पेश किया था। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीति का परिणाम है कि देश में डी•ाल, पेट्रोल और रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही है, जिससे हर वस्तु की $कीमत लगातार बढती जा रही है और इस महँगाई से जनता की कमर टूट रही है। सुश्री मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार जनता की परेशानियों से थोड़ी भी चिन्तित अथवा विचलित नजर नहीं आती है, जिससे इस सरकार के जनविरोधी और अहंकारी होने के साथ इनके पूँजीपति और धन्नासेठ समर्थक होने का चेहरा भी बेनकाब होता है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार इस चुनावी साल में अपने उन बड़े-बड़े पूँजीपतियों और धन्नासेठों को कतई भी नाराज करना नहीं चाहती है, जिनके धनबल पर वह केन्द्र की सत्ता में आयी है और फिर उन्हीं के बूते दोबारा सत्ता में आने का सपना देख रही है। कांग्रेस पर भडास निकालते हुये सुश्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने जून 2०1० में पैट्रोल को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करने का फैसला किया था, जबकि भाजपा सरकार ने कांग्रेस पार्टी की आर्थिक नीति को ना केवल जारी रखा बल्कि इसको और आगे बढाते हुये डी•ाल को भी सरकारी नियन्त्रण से मुक्त कर दिया। इससे स्वाभाविक तौर पर फिर महँगाई के बढने के साथ खेती और किसानी भी काफी ज्यादा प्रभावित हुई।

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