रामनगरी के संत-धर्माचार्यों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई - पुलिस ने बढ़ाई सघन चेकिंग, निषेधाज्ञा भी लागू

रामनगरी के संत-धर्माचार्यों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई - पुलिस ने बढ़ाई सघन चेकिंग, निषेधाज्ञा भी लागू



अयोध्या। रामजन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अब सभी को 'सुप्रीम' निर्णय का इंतज़ार है। जिला प्रशासन ने भी इसकी तैयारियां जोरों से शुरू कर दी हैं। रामनगरी में पुलिस ने सघन चेकिंग बढ़ा दी है। अराजक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। दो माह के लिए धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी गई है। रामनगरी के संत-धर्माचार्यों की भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

जिले में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष मणिराम दास के महंत नृत्यगोपालदास को पहले से ही वाई श्रेणी सुरक्षा प्राप्त है। इसके साथ ही उनके उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास को भी सुरक्षा दी गई है। रामनगरी के संत-धर्माचार्यों में रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास, तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास, महंत गिरीश दास, राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, रंग महल के महंत रामशरण दास, उदासीन अखाड़ा के महंत भरत दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, नाका हनुमानगढ़ी़ के महंत रामदास, दशरथ महल बड़ास्थान के महंत बिन्दुगद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य के साथ अन्य कई प्रमुख संतो की सुरक्षा में पुलिस के जवान लगाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक नगर विजयपाल सिंह ने बताया कि कई संतों को पहले से ही सुरक्षा दी जा रही है। इसके अलावा मंदिर मस्जिद विवाद से जुड़े पक्षकारों को भी सुरक्षा दी गई है जिसमें बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दिए गए प्रार्थना पत्र पर जांच के बाद सुरक्षा समिति समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजता है और शासन के आदेशानुसार सुरक्षा में जवान लगाए जा रहे हैं।


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